मध्यप्रदेश के सतना जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं चित्रकूट-बिरसिंहपुर मार्ग पर चलने वाली विजय ट्रेवल्स की बस के कंडक्टर ने चंद पैसों के लालच में मासूम नाबालिग छात्रों की जान को खतरे में डाल दिया। टाइगर बफर जोन माने जाने वाले बगदरा घाटी के घने जंगल में छात्रों को जबरन बस से उतार देने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बस कंडक्टर पैसे को लेकर विवाद के बाद बच्चों को बीच जंगल में उतारकर बस लेकर फरार हो गया। यह घटना न सिर्फ अमानवीय है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और परिवहन नियमों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
संस्कृत विद्यालय के छात्र जा रहे थे छुट्टियों में घर
जानकारी के अनुसार चित्रकूट स्थित रघुनाथ मंदिर के संस्कृत विद्यालय में पढ़ने वाले कुछ नाबालिग छात्र मकर संक्रांति की छुट्टियों में अपने-अपने घर जा रहे थे। बच्चे चित्रकूट से विजय ट्रेवल्स की बस में सवार हुए, लेकिन बस में अत्यधिक भीड़ होने के कारण उन्हें सीट नहीं मिल सकी छात्रों का कहना है कि वे खड़े होकर यात्रा कर रहे थे, इसलिए उन्होंने आधा किराया देने की बात कही, लेकिन बस कंडक्टर पूरा किराया लेने पर अड़ गया। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया।
पैसों के लालच में जंगल में उतारे बच्चे
विवाद के बाद बस को बगदरा घाटी के टाइगर बफर जोन में रोका गया आरोप है कि कंडक्टर ने नाबालिग छात्रों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। उन्हें जबरन बस से नीचे उतारा और धक्का देकर बस लेकर चला गया। घना जंगल, सुनसान इलाका और टाइगर मूवमेंट की आशंका। ऐसे हालात में खुद को अकेला पाकर बच्चे बुरी तरह डर गए।
इंसानियत की मिसाल बनी दूसरी बस
गनीमत रही कि कुछ समय बाद उसी मार्ग से गुजर रही एक अन्य बस के चालक ने डरे-सहमे बच्चों को जंगल में खड़ा देखा। उसने इंसानियत दिखाते हुए बस रोकी और सभी छात्रों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाया। अगर यह मदद समय पर न मिलती, तो कोई भी अनहोनी हो सकती थी।
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वीडियो वायरल, लोगों में आक्रोश
पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही स्थानीय लोगों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि टाइगर बफर जोन जैसे संवेदनशील इलाके में बस रोकने की अनुमति कैसे दी गई। नाबालिग बच्चों को जंगल में उतारने का फैसला किस कानून के तहत लिया गया। अगर बच्चों के साथ कोई हादसा हो जाता, तो जिम्मेदारी किसकी होती?
परिवहन विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग
लोगों और अभिभावकों ने परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि विजय ट्रेवल्स का परमिट तत्काल निरस्त किया जाए संबंधित कंडक्टर पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, और निजी बसों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जाए।