शहडोल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हाल ही में कुछ मरीजों में ऑपरेशन से पहले इस्तेमाल किए गए एंटीसेप्टिक सॉल्यूशन से हल्के स्किन रिएक्शन के मामले सामने आए। इस कारण अस्पताल में थोड़ी हड़कंप की स्थिति बनी। कॉलेज प्रशासन ने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी है। मेडिकल कॉलेज के डीन, डॉ. गिरीश बी. रामटेके ने बताया कि यह मामूली एलर्जी थी और सभी मरीजों का इलाज सफलतापूर्वक हो गया। किसी भी मरीज की स्थिति गंभीर नहीं हुई।
डीन ने बताया कि ऑपरेशन से पहले मरीज की त्वचा को संक्रमण मुक्त करने के लिए यह सॉल्यूशन लगाया जाता है ताकि बैक्टीरिया नष्ट हो सकें और संक्रमण का खतरा न रहे। उन्होंने कहा कि कुछ मरीजों को हल्का स्थानीय स्किन रिएक्शन हुआ था। स्किन विभाग में इलाज के बाद सभी दो-चार दिन में पूरी तरह ठीक हो गए। कोई गंभीर मामला नहीं था।
उन्होंने कहा कि महिलाओं में यूट्रस या अन्य सर्जरी के दौरान ऐसी कोई समस्या नहीं आई। ज्यादातर मामले ऑब्स्टेट्रिक सर्जरी (प्रसव संबंधी ऑपरेशन) के दौरान सामने आए, जब महिलाओं की इम्यूनिटी कम होती है। इन सभी मामलों में एक ही बैच की बोतल का उपयोग किया गया था। वही बैच अब पूरी तरह वापस ले लिया गया है और इसका उपयोग बंद कर दिया गया है।
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डीन ने कहा कि हम यह नहीं कह सकते कि यह सिर्फ पॉविडोन आयोडीन से हुआ है या उसमें कोई अन्य रासायनिक घटक शामिल था। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। उन्होंने बताया कि ड्रग कंट्रोलर को पूरी जानकारी भेज दी गई है और पुराने स्टॉक को वापस लेने की कार्रवाई की जा रही है।
डीन ने स्पष्ट किया कि पॉविडोन आयोडीन सामान्यतः सुरक्षित दवा है और इसका उपयोग संक्रमण से बचाव के लिए किया जाता है, लेकिन किसी भी दवा या इंजेक्शन से एलर्जी की संभावना बनी रहती है। उन्होंने कहा कि पूरे वर्ष में लगभग 5,000 मरीजों को यह सॉल्यूशन लगाया गया, जिनमें से केवल 10-12 मरीजों में हल्का एलर्जिक रिएक्शन देखा गया। सभी का इलाज किया गया और अब वे स्वस्थ हैं।