टीकमगढ़ जिले के नादिया गांव में प्रशासन ने आज कार्रवाई करते हुए सरकारी गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाया। बताया गया है कि लंबे समय से गांव के कुछ दबंगों ने इस जमीन पर कब्जा जमा रखा था। प्रशासन की इस कार्रवाई के तहत 82 एकड़ गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया गया।
तहसील मोहनगढ़ के अंतर्गत आने वाले इस गांव में तहसीलदार गोविंद सिंह ठाकुर और पुलिस बल ने मिलकर अतिक्रमण हटाने का कार्य संपन्न किया। ठाकुर ने जानकारी दी कि नादिया गांव की गोचर भूमि पर कब्जे के कारण पशुओं के लिए चराई की जगह नहीं बची थी। दो दिन पूर्व राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर जाकर अवैध कब्जाधारियों की पहचान की थी। इसके बाद, गुरुवार को पुलिस बल की सहायता से 82 एकड़ भूमि को मुक्त करवाया गया। कार्रवाई के दौरान कुछ दबंगों द्वारा की गई फेंसिंग और कच्चे मकान भी जेसीबी मशीन की मदद से गिराए गए।
तहसीलदार गोविंद सिंह ठाकुर के अनुसार, इस गोचर भूमि पर गांव के लगभग 40 लोगों ने कब्जा कर रखा था और वे इस पर खेती कर फसल उपजा रहे थे। स्थानीय ग्रामीणों ने इन अवैध कब्जों की शिकायतें लंबे समय से की थीं। टीकमगढ़ कलेक्टर के आदेश के बाद इस जमीन का निरीक्षण और चिन्हांकन किया गया, और गुरुवार को पुलिस बल के साथ मौके पर जाकर जेसीबी की मदद से जमीन को मुक्त किया गया। इस जमीन की कीमत लगभग 8 करोड़ रुपये आंकी गई है।
अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। तहसीलदार ने बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक से समन्वय कर पुलिस बल बुलाया गया था, ताकि दबंगों द्वारा किसी प्रकार का व्यवधान न उत्पन्न हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले की अन्य गोचर भूमि पर भी यदि अवैध कब्जे होंगे, तो उन्हें भी हटाने की कार्रवाई की जाएगी।