मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के टीकमगढ़ दौरे से ठीक पहले ओबीसी महासभा जिला इकाई के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री के निर्धारित स्वागत स्थल गिरी होटल के पास संगठन के कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर विरोध करने का प्रयास किया। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर करीब 8 से 10 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया।
ओबीसी महासभा के पदाधिकारियों का कहना था कि संगठन मुख्यमंत्री को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपना चाहता था। संगठन की प्रमुख मांगों में पिछड़ा वर्ग के 13 प्रतिशत आरक्षण पर लगी रोक हटाना, यूजीसी कानून लागू करना, टीकमगढ़ जिले में बड़ा उद्योग स्थापित करना और बड़ागांव धसान में महाविद्यालय खोलना शामिल है। इसके अलावा संगठन ने जिले की स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की भी मांग उठाई।
'जिले में रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं'
कार्यकर्ताओं का कहना था कि जिले में रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं होने के कारण युवाओं को दूसरे शहरों और राज्यों की ओर पलायन करना पड़ रहा है। ऐसे में टीकमगढ़ में बड़े उद्योगों की स्थापना की आवश्यकता है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़ागांव धसान में महाविद्यालय खोलने की मांग भी लंबे समय से उठाई जा रही है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के काफिले के सामने काले झंडे दिखाने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों को मौके से हटा दिया और हिरासत में ले लिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद मौके पर स्थिति नियंत्रण में रही और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
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मुख्यमंत्री के दौरे से पहले हुई इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। प्रशासन और पुलिस के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे। मुख्यमंत्री के स्वागत और निर्धारित कार्यक्रम को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।