गौड़ीय परम्परा के वंश मे महाराज 38वें आचार्य पुंडरीक गोस्वामी आज बाबा महाकाल के दर्शन करने उज्जैन आए। जहां उन्होंने नंदी हॉल से परिवार सहित बाबा महाकाल का पूजन अर्चन किया और ध्यान भी लगाया। इस दौरान महाकाल मंदिर के पुजारी पंडित आकाश गुरु द्वारा पूजन-अर्चन करवाया गया।
महाकाल मंदिर की जनसंपर्क अधिकारी गौरी जोशी और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के रितिक नागर ने बताया कि श्रीमद्भागवतम, चैतन्य चरितामृत, राम कथा और भगवद गीता पर अपने आध्यात्मिक प्रवचनों के लिए प्रसिद्ध पुंडरीक गोस्वामी आज पत्नी रेणुका पुंडरीक गोस्वामी के साथ बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए मंदिर आए जहां पर उन्होंने नंदी हॉल से बाबा महाकाल का पूजन अर्चन कर बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। बाबा महाकाल के पूजन अर्चन के बाद आपने नंदी जी के कानों में अपनी मनोकामना भी कही।
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बाबा महाकाल के दर्शन कर लगा जैसे जन्म लेना सार्थक हो गया
महाराज श्री पुंडरीक गोस्वामी ने बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद मीडिया से चर्चा की और बताया कि पिछले दिनों हमने राधारमण जी की 7 दिनों तक सेवा की थी। जिसका फल हमें श्रावण सोमवार पर बाबा महाकाल के दर्शन कर मिला है। बाबा महाकाल के दर्शन कर हम अभिभूत हैं ऐसा लग रहा है मानो हमारा जन्म लेना सफल हो गया। बाबा महाकाल की कृपा प्रत्येक जनमानस संपूर्ण विश्व पर बनी रहे सभी प्रसन्न दीर्घायु हो और सभी का विवेक अच्छा रहे, देश की प्रगती उन्नति हो और साथ ही सनातन धर्म की भी जय जयकार होती रहे ऐसी ही कामना हमने बाबा महाकाल से की है।
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सात साल की उम्र से ही गीता पर प्रवचन देते थे पुंडरिक गोस्वामी
पुंडरिक गोस्वामी का जन्म 20 जुलाई 1988 को उत्तर प्रदेश के वृंदावन शहर में श्रीभूति कृष्ण गोस्वामी और सुकृति गोस्वामी के घर हुआ था। उनके पिता श्रीभूति कृष्ण गोस्वामी और दादा अतुल कृष्ण गोस्वामी प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता रहे हैं। इस परिवार में 38 पीढ़ियों से भगवद् कथा और अन्य आध्यात्मिक प्रवचनों की परंपरा चली आ रही है। पुंडरीक गोस्वामी ने सात साल की उम्र से ही गीता पर प्रवचन देना शुरू कर दिया था।
आचार्य पुंडरीक महाराज