उज्जैन में MBBS में एडमिशन दिलाने का झांसा देकर एक परिवार से 4 लाख 25 हजार रुपये की साइबर ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को बिहार के कटिहार मेडिकल कॉलेज का प्राचार्य बताकर लोगों को फंसाता था। नीलगंगा थाना पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर उज्जैन लेकर आई है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
प्राचार्य बनकर किया एडमिशन का झांसा
पुलिस के मुताबिक, मंच्छामन चौराहा निवासी सतीशचंद्र पटेल ने नीलगंगा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके बेटे के MBBS में प्रवेश के लिए एक व्यक्ति ने खुद को कटिहार मेडिकल कॉलेज, बिहार का प्राचार्य बताया। आरोपी ने मेडिकल सीट खाली होने का दावा करते हुए शैक्षणिक और पहचान संबंधी दस्तावेज मंगवा लिए।
सीट बुकिंग के नाम पर ऐंठे 4.25 लाख रुपये
आरोपी ने 15 से 17 फरवरी 2026 के बीच सीट बुकिंग के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में कुल 4 लाख 25 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। रकम मिलने के बाद उसने व्हाट्सएप पर एनएमसी का कथित पत्र, आवंटन पत्र और अन्य फर्जी दस्तावेज भी भेज दिए, ताकि पीड़ित को शक न हो।
कॉलेज पहुंचने पर खुली ठगी की पोल
जब सतीशचंद्र पटेल कटिहार मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो उन्हें पता चला कि जिस नंबर से बातचीत हो रही थी, उसका कॉलेज से कोई संबंध नहीं है और वहां कोई सीट भी खाली नहीं थी। इसके बाद उन्होंने नीलगंगा थाने में साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई।
तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
एएसपी गुरु प्रसाद पाराशर और सीएसपी माधवनगर दीपिका शिंदे के मार्गदर्शन में साइबर सेल और नीलगंगा थाना पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। जांच के दौरान आरोपी की पहचान पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी निवासी 45 वर्षीय सुमन्त्र गुप्ता के रूप में हुई।
पुलिस रिमांड पर होगी पूछताछ
थाना प्रभारी तरुण कुरील के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सिलीगुड़ी में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया और ट्रांजिट रिमांड पर उज्जैन ले आई। पुलिस अब आरोपी से उसके अन्य साथियों, ठगी की रकम और इस्तेमाल किए गए बैंक खातों के बारे में पूछताछ कर रही है। जल्द ही उसे अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लेने की कार्रवाई की जाएगी।