नौकरी के नाम पर बेरोजगारों की जेब काटने वाले गैंग का सरगना आखिर महिदपुर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। 25 लाख की ठगी करने वाला बालूसिंह बैरागी गुजरात के गोधरा में ऐश कर रहा था। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे धर दबोचा।
बालूसिंह और उसके साथी जितेन्द्र व लखनसिंह ने महिदपुर के युवाओं को सरकारी नौकरी का सपना दिखाया। बोले - ऊपर तक सेटिंग है, बस पैसे लगेंगे। भोले-भाले बेरोजगारों ने किस्तों में 25 लाख थमा दिए। महीनों तक फर्जी जॉइनिंग लेटर और तारीख पर तारीख देते रहे। जब पीड़ितों का सब्र टूटा और पैसे वापस मांगे, तो धमकी मिली। थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह परिहार की टीम ने बैंक ट्रांजेक्शन और कॉल डिटेल खंगाली। लोकेशन निकली गोधरा। टीम सीधे गुजरात पहुंची और झारखेड़ी के बालूसिंह को उठा लाई।
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क्या था मामला
फरियादियों ने थाना महिदपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी बालूसिंह बैरागी और उसके साथियों ने सरकारी नौकरी लगवाने का लालच देकर उनसे अलग-अलग किस्तों में करीब 25 लाख रुपये ऐंठ लिए। जब नौकरी नहीं लगी और पीड़ितों ने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के बाद पुलिस ने धारा 420, 467, 468, 471, 506, 120(बी) BNS के तहत केस दर्ज किया।
गोधरा तक पीछा कर पकड़ा
ASP ग्रामीण आलोक कुमार शर्मा और SDOP जेडेन लिंगजर्पा के निर्देश पर थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह परिहार की टीम ने तकनीकी साक्ष्य और बैंक लेन-देन खंगाले। जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी बालूसिंह पिता भेरूलाल बैरागी, निवासी झारखेड़ी, गोधरा में छिपा है। पुलिस टीम ने गुजरात पहुंचकर आरोपी को हिरासत में ले लिया। उसके दो साथी जितेन्द्र बैरागी उज्जैन और लखनसिंह इंदौर अभी फरार हैं। गिरफ्तार बालूसिंह शातिर अपराधी है। उस पर महिदपुर और आलोट, रतलाम थानों में हत्या के प्रयास, चोरी, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र के 6 केस पहले से दर्ज हैं।