विश्व प्रसिद्ध उज्जैन श्री महाकालेश्वर मंदिर में अब एक नई व्यवस्था शुरू की जा रही है। जिसके तहत, मंदिर में होने वाली नियुक्तियों से पहले अब पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा। इसके बाद ही किसी की मंदिर में नियुक्ति की जा सकेगी।
उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि महाकालेश्वर मंदिर में कर्मचारियों की नियुक्ति से पहले उनका वेरिफिकेशन किया जाए। इस संबंध में उन्होंने महाकाल मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक को पत्र लिखा है। इस वेरिफिकेशन प्रक्रिया के माध्यम से मंदिर में केवल उन्हीं व्यक्तियों की नियुक्ति हो सकेगी, जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होगा।
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि महाकाल मंदिर में पिछले कुछ समय से दर्शन के नाम पर कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें कुछ लोगों को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया गया था। बाद में उन्हें जमानत मिल चुकी है। नियुक्तियों से पहले पुलिस वेरिफिकेशन किए जाने से आवेदनकर्ता का पूरा रिकॉर्ड सामने आ सकेगा, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकेगा कि संबंधित व्यक्ति का व्यवहार कैसा है।
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श्रद्धालुओं से दुर्व्यवहार की घटनाएं आई थीं सामने
महाकालेश्वर मंदिर एक ऐसा स्थान है जहां ड्यूटी पर तैनात अधिकारी हों या कर्मचारी, सभी का व्यवहार श्रद्धालुओं के प्रति विनम्र होना चाहिए। लेकिन, मंदिर में आए दिन ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, जिनमें कर्मचारी अपना आपा खो देते हैं और श्रद्धालुओं के साथ अभद्र व्यवहार ही नहीं, मारपीट तक करते हैं। पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया से अब ऐसे ही लोगों की नियुक्ति रोकी जा सकेगी, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड हो।
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सभी के लिए वेरिफिकेशन अनिवार्य
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि मंदिर में होने वाली नियुक्ति चाहे नई हो या पहले से की गई हो, सभी कर्मचारियों का वेरिफिकेशन आवश्यक होगा।
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14 लोगों के खिलाफ केस
बता दें कि महाकाल मंदिर में बीते दिनों अवैध वसूली कर दर्शन और भस्म आरती के नाम पर श्रद्धालुओं से ठगी के मामले में 14 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था। इनमें मंदिर समिति के कर्मचारी और आउटसोर्सिंग कंपनी के कर्मचारी भी शामिल थे। एसपी प्रदीप शर्मा ने स्पष्ट किया कि अब किसी भी नई नियुक्ति से पहले मंदिर समिति को संबंधित व्यक्ति का पुलिस वेरिफिकेशन करवाना आवश्यक होगा।