सांसद अनिल फिरोजिया ने उज्जैन को प्रतिबंधित संगठन सिमी और पीएफआई का पूर्ववर्ती गढ़ होने का दावा करते हुए महाकाल मंदिर की सुरक्षा के लिए यहां केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात करने की मांग की है। सोमवार को उन्होंने यह मामला लोकसभा में उठाया और महाकाल की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ और सीआरपीएफ तैनात करने का आग्रह किया।
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बता दें, सांसद फिरोजिया पिछले काफी समय से विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में केंद्रीय बलों की तैनाती के प्रयास कर रहे हैं। सोमवार को उन्होंने संसद में भी इस मामले उठाया। फिरोजिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में जब से महाकाल लोक का निर्माण कराया गया है तभी से मंदिर में प्रतिवर्ष लगभग 7 करोड़ श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए प्रतिदिन देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर की सुरक्षा को लेकर भी हमें गंभीर होना चाहिए, क्योंकि यह क्षेत्र आतंकी संगठन सिमी और पीएफआई का गढ़ रहा है। उज्जैन शहर से कुछ दूरी पर स्थित महिदपुर के झिरनिया गांव से एके-56 जैसे हथियारों की बरामदगी हो चुकी है। यही नहीं यूपी का दुर्दांत अपराधी विकास दुबे कानपुर वाला भी इस मंदिर से ही पकड़ा चुका है। आपने कहा कि कुछ समय पहले एक महिला जासूस की भी यहां से गिरफ्तारी हो चुकी है। ऐसे में मंदिर की सुरक्षा को देखते हुए यहां पर सीआईएसएफ और सीआरपीएफ की स्थाई रूप से तैनाती की जाना चाहिए।
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प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को लिख चुके हैं पत्र
31 मई 2025 को सांसद अनिल फिरोजिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को इसी मांग को लेकर पत्र लिखा था और एक सप्ताह पहले उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह से मिलकर भी औपचारिक तौर पर एक पत्र श्री महाकालेश्वर मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सौंपा था।