जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुई 27 लोगों की मौत के बाद उनकी शांति के लिए उज्जैन के श्री पंच दसनाम जूना अखाड़ा में यज्ञ शांति का आयोजन किया गया। यह आयोजन श्री श्री 1008 जगतगुरु पंचानन्द गिरी महाराज के कामाख्या तंत्र पीठ आश्रम में हुआ। इस यज्ञ शांति का उद्देश्य दिवंगत आत्माओं की शांति और उनके परिवार के लिए प्रार्थना करना है। साथ ही पाकिस्तान द्वारा की गई इस घटना की निंदा करना और सरकार से कड़े फैसले लेने की अपेक्षा करना भी है।
जूना अखाड़ा के कामाख्या पुत्र हिमालय गिरी महाराज ने बताया कि आतंकियों ने जिस तरह से चुन-चुन के हिंदू भाइयों को मारा है, जिससे पूरे हिंदू समाज में आक्रोश है। हम पाकिस्तान को संदेश देना चाहते हैं कि हिंदुस्तान में इतने साधु संत और नागा साधु है कि सरकार छूट दे दे तो इस आतंकियों से निपटना जानते हैं। देश के प्रधानमंत्री से अपेक्षा की जा रही है कि वह आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे और दोषियों को सजा दिलाए। हिमालय गिरी महाराज ने कहा की यह घटना से हिंदुओं को डराना चाहते हैं पर साधु संत और हिंदू समाज डरने वाला नहीं है। ऐसी घटना को लेकर सरकार को कड़े फैसले लेने चाहिए, ताकि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों। कार्यक्रम के माध्यम से मां कामाख्या और मां बगुलामुखी से प्रार्थना की गई। दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और उनके परिवार को शक्ति दें।
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इस घटना का बदला लिया जाए
धर्माधिकारी और तीर्थ पुरोहित पं. गौरव उपाध्याय ने बताया कि पहलगाम में आतंकवादियों ने नाम पूछ कर कलमा पढ़वा करके गोली मार दी है। निश्चित तौर पर इस घटना से बहुत ही आक्रोश है। उन्होंने कहा कि आक्रोश इस बात का है कि जिस तरह से कहा जाता है कि आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता है, लेकिन मेरा मानना है कि अगर वह धर्म नहीं होता तो नाम पूछ कर कपड़े उतरवा कर कैसे गोली मारते। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से निवेदन किया कि इस घटना का बदला लिया जाए। महामंडलेश्वर ज्ञानदास महाराज ने कहा कि जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा जिन लोगों की हत्या की गई है उन हुतात्माओं के लिए आज भगवान के चरणों में शांति का पाठ किया गया और परिवार के लोगों को शक्ति सामर्थ्य मिले इसकी कामना की गई। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में ऐसे कट्टरपंथियों को भी समाप्त करने का कार्य प्रारंभ हो जो आतंकवादियों को शरण देने का कार्य करते हैं।
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पनाह देने वाले कट्टरपंथियों को भी अब नहीं बक्शा जाना चाहिए
खाकी अखाड़े के अर्जुनदास महाराज ने कहा कि इस तरह की घटना हिंदुस्तान अब बर्दाश्त नहीं करने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह इस घटना के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। इस घटना का जवाब उन आतंकवादियों को देना जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही हमारे देश में ऐसे लोगों को पनाह देने वाले कट्टरपंथियों को भी अब नहीं बक्शा जाना चाहिए। हम सभी साधु संत इस घटना से बहुत ही आहत हैं, ऐसे जिहादियों को और उनका समर्थन करने वाले लोगों को समाप्त करने के लिए मोदी सरकार कदम उठाए नहीं तो हिंदू समाज यदि एक बार जागृत हो गया तो अब पूरे हिंदुस्तान में कोई भी जिहादी नहीं रह पाएगा।