Hindi News
›
Video
›
Madhya Pradesh
›
Ujjain News: Debate erupts over water in-charge’s remark claiming Gambhir river water better than Bisleri
{"_id":"696f8bc07ba7afd33e009058","slug":"water-works-in-charge-prakash-sharma-said-bisleri-also-fails-in-front-of-ujjains-water-ujjain-news-c-1-1-noi1228-3863052-2026-01-20","type":"video","status":"publish","title_hn":"Ujjain News: जल कार्य प्रभारी के बड़े बोल से छिड़ी बहस, कहा- गंभीर नदी के पानी के आगे बिसलेरी भी फेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ujjain News: जल कार्य प्रभारी के बड़े बोल से छिड़ी बहस, कहा- गंभीर नदी के पानी के आगे बिसलेरी भी फेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Tue, 20 Jan 2026 11:47 PM IST
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से करीब डेढ़ दर्जन लोगों की मौत और सैकड़ों के बीमार होने की घटना के बीच उज्जैन नगर निगम के जल कार्य प्रभारी प्रकाश शर्मा का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में प्रकाश शर्मा यह कहते नजर आ रहे हैं कि उज्जैन के पानी के आगे बिसलेरी का पानी भी फेल है।
दरअसल इंदौर की घटना के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप उज्जैन में जनसुनवाई के साथ-साथ जल-सुनवाई का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को शहर के नौ अलग-अलग स्थानों पर पानी की टंकियों पर नगर निगम अधिकारियों ने बैठकर नागरिकों की जल आपूर्ति से जुड़ी समस्याएं सुनीं और कई शिकायतों का मौके पर ही निराकरण भी किया गया।
इसी दौरान जल कार्य एवं सीवरेज समिति के प्रभारी प्रकाश शर्मा ने मीडिया से बातचीत में गंभीर नदी के पानी की गुणवत्ता को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि गंभीर नदी का पानी इतना शुद्ध है कि उसके सामने बिसलेरी का पानी भी फीका पड़ जाता है। हालांकि इसी बातचीत में उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उज्जैन शहर के कई इलाकों में आज भी 40 से 50 साल पुराने नल कनेक्शन लगे हुए हैं, जिनकी नियमित मरम्मत और देखरेख नहीं की जाती।
शर्मा के बयान के बाद आम लोगों के बीच सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि यदि उज्जैन का पानी इतना ही शुद्ध है, तो सरकारी कार्यालयों की बैठकों में बिसलेरी की बोतलें क्यों मंगाई जाती हैं और जगह-जगह आरओ सिस्टम क्यों लगाए गए हैं।
जनता पर डाली जिम्मेदारी
दूषित पानी की शिकायतों को लेकर प्रकाश शर्मा ने कहा कि लोग बिजली की केबल खराब होने पर तुरंत उसे ठीक करवा लेते हैं, लेकिन सड़े-गले और टूटे हुए नल कनेक्शनों पर ध्यान नहीं देते, यही लापरवाही जल प्रदूषण का एक बड़ा कारण बनती है।
उन्होंने यह भी बताया कि कई बार पानी की सप्लाई के दौरान या तुरंत बाद मोटर चालू कर दी जाती है, जिससे आसपास का दूषित पानी पाइप लाइन के जरिए अंदर खिंच जाता है। इसी कारण पानी दूषित होता है और लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। फिलहाल इंदौर की घटना के बाद प्रदेशभर में जल गुणवत्ता को लेकर सतर्कता बढ़ गई है और उज्जैन में भी नगर निगम द्वारा जल आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।