उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली में स्थित संजय गांधी ताप विद्युत गृह (मंगठार) में कार्यरत विभिन्न कंपनियों और ठेकेदारों द्वारा श्रमिकों के शोषण का मामला सामने आया है। इन कंपनियों पर आरोप है कि वे गैरकानूनी तरीकों से काम कर रही हैं और श्रमिकों को उनके अधिकारों से वंचित कर रही हैं।
श्रमिकों को न तो जॉइनिंग लेटर, न ऑफर लेटर और न ही उनकी पहचान के लिए आईडी कार्ड उपलब्ध कराए जाते हैं। इतना ही नहीं, उन्हें उनकी वेतन पर्ची भी नहीं दी जाती है, जिससे भुगतान में अनियमितता बरती जा रही है। कई श्रमिकों का गेट पास तक नहीं बनाया जाता, जिससे वे कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त श्रमिक नहीं माने जाते हैं। ऐसे में ठेकेदार कम वेतन देकर उनका शोषण कर रहे हैं।
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कोणार्क इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन भोपाल पर आरोप
ताजा मामला कोणार्क इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन भोपाल से जुड़ा है, जिसे संजय गांधी ताप विद्युत गृह के AC प्लांट MM-2 में कार्य मिला है। आरोप है कि यह ठेकेदार 7 दिसंबर 2025 से बिना किसी वैध लाइसेंस और श्रम कानूनों का पालन किए श्रमिकों से अवैध रूप से काम करवा रहा है। इस पूरे मामले में MM-2 के एक अधीक्षण अभियंता और कार्यपालन अभियंता की संलिप्तता भी बताई जा रही है। श्रमिकों का आरोप है कि उन्हें कानूनी सुरक्षा देने के बजाय ठेकेदार और अधिकारी उनका शोषण कर रहे हैं। बिना गेट पास और उचित दस्तावेजों के श्रमिकों को काम पर लगाया जाता है ताकि उन्हें न्यूनतम वेतन और पीएफ जैसी सुविधाओं से वंचित रखा जा सके।
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एसडीएम से जांच की मांग
इस मामले को लेकर बिरसिंहपुर पाली निवासी बिल्लू यादव ने एसडीएम को पत्र लिखकर जांच की मांग की है। उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों पर कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है, जिससे श्रमिकों को न्याय मिल सके और उनके अधिकारों की रक्षा हो सके।