मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 10 फरवरी से शुरू हो चुकी हैं। इसी क्रम में उमरिया जिले से शिक्षा के प्रति सकारात्मक सोच को उजागर करने वाला एक अनोखा और प्रेरणादायक मामला सामने आया है। जिला जेल उमरिया में निरुद्ध विचाराधीन कैदी सृजान खान ने भी कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा दी। कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच उसे परीक्षा केंद्र तक लाया गया और निर्धारित समय पर परीक्षा दिलाई गई।
यह दृश्य पीएम शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कालरी परीक्षा केंद्र पर देखने को मिला, जहां सामान्य परीक्षार्थियों के साथ एक कैदी का परीक्षा में शामिल होना लोगों के लिए चौंकाने वाला था। पुलिस बल की निगरानी में जब सृजान खान परीक्षा केंद्र पहुंचा, तो वहां मौजूद परीक्षार्थी, अभिभावक और स्थानीय लोग कुछ पल के लिए हैरान रह गए। हालांकि, थोड़ी ही देर में यह हैरानी सराहना में बदल गई।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि जेल में निरुद्ध बंदियों को भी शिक्षा का अधिकार है। यदि कोई बंदी पढ़ाई जारी रखना चाहता है और परीक्षा देने का पात्र है, तो उसे अवसर प्रदान किया जाता है। इसी अधिकार के तहत सृजान खान की 12वीं की परीक्षा सुनिश्चित कराई गई। जेल प्रशासन और शिक्षा विभाग के आपसी समन्वय से सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं, ताकि परीक्षा प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
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अधिकारियों का कहना है कि शिक्षा किसी भी व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सबसे सशक्त माध्यम है। बंदियों को शिक्षा से जोड़ने का उद्देश्य केवल परीक्षा दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़कर आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करना है। ऐसे प्रयासों से बंदियों के भीतर सुधार की भावना विकसित होती है और वे अपने भविष्य को लेकर नई सोच के साथ आगे बढ़ते हैं।
स्थानीय लोगों ने भी इस पहल को सराहनीय बताया। उनका कहना है कि आमतौर पर जेल और कैदियों को नकारात्मक नजरिए से देखा जाता है, लेकिन शिक्षा के माध्यम से बदलाव की यह तस्वीर समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश देती है। यह घटना बताती है कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, सीखने की इच्छा और आगे बढ़ने का संकल्प व्यक्ति को नई राह दिखा सकता है। उमरिया जिले में सामने आया यह मामला न केवल शिक्षा के महत्व को रेखांकित करता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि सुधार और पुनर्वास की दिशा में उठाया गया हर कदम समाज को बेहतर बनाने की ओर ले जाता है।