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एसजीपीसी के खिलाफ बेवजह विवाद खड़े करने की कोशिश: गुरचरण सिंह ग्रेवाल
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के सदस्य गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि एसजीपीसी के खिलाफ लगातार बेवजह विवाद खड़े करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने संगत से अपील की कि ऐसे मामलों में भ्रमित न हों और धार्मिक संस्थाओं के खिलाफ चलाए जा रहे कथित दुष्प्रचार से सतर्क रहें।
ग्रेवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वर्षों से अलग-अलग मुद्दों को लेकर एसजीपीसी को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया जाता रहा है। कभी किसी अन्य बहाने से तो कभी गुरबाणी प्रसारण को लेकर विवाद पैदा किया जाता है। उनका आरोप था कि कुछ राजनीतिक दल और पंथ विरोधी ताकतें मिलकर सिख संस्थाओं की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि पीटीसी कई वर्षों से मर्यादा के अनुरूप श्री दरबार साहिब और अन्य तख्त साहिबों से गुरबाणी का प्रसारण कर रहा है। अब तक प्रसारण को लेकर कोई समस्या नहीं रही, लेकिन इसे अनावश्यक विवाद का विषय बनाया जा रहा है। ग्रेवाल ने बताया कि पुराने प्रसारण समझौते की अवधि पूरी होने के बाद एसजीपीसी ने नियमानुसार नया टेंडर जारी किया। नई व्यवस्था लागू होने तक संगत की सुविधा और प्रसारण की निरंतरता बनाए रखने के लिए मौजूदा व्यवस्था को अस्थायी रूप से जारी रखा गया।
उन्होंने कहा कि गुरबाणी का प्रसारण केवल तकनीकी नहीं, बल्कि धार्मिक मर्यादा से जुड़ा विषय है, इसलिए विशेष प्रबंध आवश्यक होते हैं। ग्रेवाल ने यह भी कहा कि अन्य धार्मिक चैनलों के प्रसारण पर कभी इस प्रकार के सवाल नहीं उठाए जाते, जबकि केवल एसजीपीसी और सिख संस्थाओं को निशाना बनाया जाता है।
पंजाब सरकार पर भी निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी अपने संवैधानिक अधिकारों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्य करती है।
अंत में ग्रेवाल ने संगत से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें, पंथक एकता को मजबूत करें और गुरबाणी के निर्बाध प्रसारण के लिए अरदास करें। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाओं को कमजोर करने की हर कोशिश का लोकतांत्रिक और तथ्यों के आधार पर जवाब दिया जाएगा।
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