{"_id":"6a48f2a46c1ef285ba0c2304","slug":"video-three-hour-sit-in-on-the-railway-track-in-fatehgarh-sahib-demanding-the-release-of-imprisoned-sikh-prisoners-2026-07-04","type":"video","status":"publish","title_hn":"बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर फतेहगढ़ साहिब में रेलवे ट्रैक पर तीन घंटे धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर फतेहगढ़ साहिब में रेलवे ट्रैक पर तीन घंटे धरना
बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर फतेहगढ़ साहिब में रेलवे ट्रैक पर तीन घंटे धरना 35 साल में जगतार सिंह हवारा को एक भी पैरोल नहीं, जबकि राम रहीम को 17 बार पेरोल मिली: कौमी इंसाफ मोर्चा जगतार सिंह की मां बीमार, केंद्र व पंजाब सरकार से जल्द फैसला लेने की अपील फतेहगढ़ साहिब, 4 जुलाई (लक्की): बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से शनिवार को श्री फतेहगढ़ साहिब के माधोपुर में रेल रोको आंदोलन के तहत रेलवे ट्रैक पर भारी संख्या में सिख समाज के लोगों ने धरना दिया गया। सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक प्रदर्शनकारियों ने अंबाला-लुधियाना रेलवे लाइन पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे रेल यातायात प्रभावित रहा। धरने में विभिन्न पंथक, सामाजिक तथा किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लंबे समय पहले अपनी सजा पूरी कर चुके बंदी सिंहों को अब तक रिहा नहीं किया गया, जो न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। उन्होंने केंद्र तथा पंजाब सरकार से इस मामले में जल्द ठोस निर्णय लेने की मांग की। मोर्चा के नेताओं करनैल सिंह पंचोली एवं बलजीत सिंह भुट्टा ने उनकी प्रमुख मांगों में जगतार सिंह हवारा, बलवंत सिंह राजोआणा, जगतार सिंह तारा, परमजीत सिंह भियोरा तथा सांसद अमृतपाल सिंह की रिहाई शामिल है। इसके अलावा ब्लैकलिस्ट में शामिल सिखों के नाम सूची से हटाने की भी मांग की गई। धरने को संबोधित करते हुए मोर्चा के नेताओं ने आरोप लगाया कि जगतार सिंह हवारा पिछले 35 वर्षों से जेल में हैं, लेकिन उन्हें एक बार भी पैरोल नहीं दी गई, जबकि सौदा साध को 17 बार पैरोल मिल चुकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए, फिर इस मामले में अलग-अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है। नेताओं ने यह भी कहा कि जगतार सिंह हवारा की वृद्ध एवं बीमार माता से मुलाकात कराने की मांग भी लंबे समय से की जा रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से इसकी अनुमति नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा को लेकर चिंता है तो कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच भी मुलाकात करवाई जा सकती है। मोर्चा ने यह भी कहा कि बलवंत सिंह राजोआणा पिछले 17 वर्षों से फांसी की कोठरी में बंद हैं। नेताओं का कहना था कि सरकार को इस मामले में स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए और लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान करना चाहिए। इस अवसर पर मोर्चा के नेताओं ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से भी अपील की कि पांचों तख्तों से आदेश जारी कर संगत को साथ लेकर दिल्ली में स्थायी मोर्चा लगाया जाए। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के लिए शिरोमणि अकाली दल तथा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को भी सहयोग देना चाहिए, ताकि बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को मजबूती मिल सके। फोटो कैप्शन : फतेहगढ़ साहब के सरहिंद दिल्ली रेल मार्ग पर बंदी सिंहों की रिहाई के लिए धरने पर बैठे कौमी इंसाफ मोर्चा के नेता एवं कार्यकर्ता।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।