विश्व टीबी रोग दिवस पर अलवर के राजकीय टीबी अस्पताल से जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अधिकारी डॉ. योगेंद्र शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली अशोक सर्किल से होते हुए नगली सर्किल तक पहुंची और फिर वापस अस्पताल आकर संपन्न हुई। रैली में नर्सिंग छात्राएं टीबी के खिलाफ नारे लगाते हुए जागरूकता संदेश दे रही थीं।
रैली के समापन पर डॉ. योगेंद्र शर्मा ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि टीबी एक घातक संक्रामक बीमारी है, लेकिन समय पर इलाज और जागरूकता से इसे हराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अलवर जिले में टीबी उन्मूलन को लेकर उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्ष 2022 में जिले की 6 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया था, जबकि 2023 में यह संख्या बढ़कर 30 ग्राम पंचायत हो गई। 2024 में जिले की 231 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करने का लक्ष्य है। यह आंकड़ा पुराने जिले के आधार पर है।
पढ़ें: पानी की समस्या को लेकर जलदाय विभाग कार्यालय पहुंचीं महिलाएं, जमकर किया प्रदर्शन
डॉ. शर्मा ने बताया कि वर्ष 2022 में जिले में कुल 12,000 टीबी रोगी नोटिफाई किए गए थे, जिनमें से 93 फीसदी रोगियों ने सफलतापूर्वक इलाज प्राप्त किया। उन्होंने इस सफलता का श्रेय टीबी अस्पताल और इससे जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों को दिया।
उन्होंने कहा कि फेफड़ों की टीबी संक्रमित व्यक्ति के खांसने और खाने के दौरान निकलने वाली छोटी बूंदों के माध्यम से फैलती है। समय पर सही इलाज न मिलने पर यह जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने प्रदेश में 231 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करने को एक बड़ी उपलब्धि बताया और सभी स्वास्थ्यकर्मियों को इसके लिए बधाई दी।