राजस्थान में गर्मी के मौसम को देखते हुए मिलावट पर लगाम कसने के लिए राज्यभर में 18 अप्रैल से विशेष खाद्य सुरक्षा निरीक्षण अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान के तहत डेयरी उत्पादों, पेय पदार्थों, आइसक्रीम और मिठाइयों की गहन जांच की जा रही है।
अलवर में इस अभियान का पहला दिन शुक्रवार को रहा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने खाद्य निरीक्षक केशव गोयल के नेतृत्व में 160 फीट रोड स्थित तीन डेयरियों से नमूने एकत्रित किए। पटेल डेयरी और कुम्हेर डेयरी से जुड़े दूध विक्रेताओं जुबेर खान, दीपक गोयल और गौरव गोयल के पास से दूध के सैंपल लिए गए। वहीं, कमल डेयरी से कलाकंद का नमूना जांच के लिए लिया गया। ये सभी सैंपल जांच के लिए जयपुर भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, तिजारा रोड स्थित बृजवासी पनीर भंडार से पनीर और क्रीम के सैंपल लिए गए। निरीक्षण के दौरान वहां की सफाई व्यवस्था बेहद खराब पाई गई, जिसे असंतोषजनक मानते हुए संबंधित प्रतिष्ठान को तुरंत व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए। इसी क्षेत्र के एक अन्य प्रतिष्ठान से लड्डू, बूंदी, बालूशाही और इमरती के सैंपल भी एकत्र किए गए हैं। इन उत्पादों में मिलावट की आशंका जताई गई है।
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खाद्य निरीक्षक केशव गोयल ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मिलावटखोरी पर सख्ती से अंकुश लगाना और जनता को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि अभियान के चलते फिलहाल मिलावट की संभावना कम हो जाती है, लेकिन जैसे ही अभियान समाप्त होता है, मिलावटखोरी फिर से शुरू हो जाती है। इसलिए इस बार पूरे वर्षभर अभियान जारी रखने का निर्णय लिया गया है।