दीपावली पर्व से पहले अलवर फायर विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आया। रविवार को जिला अस्पताल परिसर में आग लगने की आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड द्वारा मॉक ड्रिल का सफल अभ्यास किया गया। इस दौरान फायर टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया और अस्पताल स्टाफ व आमजन को भी जागरूक किया।
आग बुझाने की तत्परता का प्रदर्शन
फायर ऑफिसर ने बताया कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य वास्तविक आग की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने की तैयारी परखना था। सूचना मिलते ही फायर गाड़ी जिला अस्पताल पहुंची और कर्मियों ने तेजी से पाइप, सिलेंडर और अन्य उपकरणों का प्रयोग कर आग बुझाने का अभ्यास किया। इस दौरान यह भी बताया गया कि आग लगने की स्थिति में आसपास के लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए और तुरंत फायर कंट्रोल रूम को सूचना देनी चाहिए।
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नगर निगम आयुक्त ने की अपील
नगर निगम आयुक्त जितेंद्र सिंह ने मौके पर बताया कि दीपावली के पर्व को देखते हुए शहर में फायर सेफ्टी की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मुख्य बाजारों और प्रमुख सड़कों से फायर ब्रिगेड वाहनों के लिए विशेष मार्ग तय किए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि दुकानों के आगे त्रिपाल या अन्य अवरोधक सामग्री न लगाएं, जिससे फायर गाड़ियों की आवाजाही में रुकावट न हो। आयुक्त ने कहा कि यह व्यवस्था किसी भी अप्रिय घटना से बचाव और शहरवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
नगर निगम द्वारा दीपावली को देखते हुए मुख्य बाजार क्षेत्रों मणि का बड़, त्रिपोलिया, कंट्रोल रूम और केडलगंज के आसपास विशेष बैरिकेडिंग की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि फायर विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। फायर कर्मियों की तत्परता और नगर निगम की यह पहल त्योहार के दौरान आगजनी की घटनाओं को रोकने और लोगों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।
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