राजस्थान के अलवर जिले के वैशाली नगर थाना क्षेत्र स्थित ग्राम पालका में आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक 30 वर्षीय युवक ने जहर खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मृतक की पहचान शिंभू दयाल के रूप में हुई है, जो पिछले कई महीनों से आर्थिक संकट में घिरा हुआ था। परिजनों के अनुसार, शिंभू पर करीब सात से आठ लाख रुपये का कर्ज हो चुका था, जो उसकी कमाई के लिहाज से बेहद भारी था।
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जानकारी के मुताबिक, शिंभू दयाल मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। लेकिन आय सीमित होने के कारण वह अपने ऊपर चढ़ते कर्ज को चुका नहीं पा रहा था। इस मानसिक दबाव ने उसे इतना तोड़ दिया कि उसने जहरीली वस्तु का सेवन कर अपनी जान दे दी। घटना गुरुवार देर शाम की है, जब शिंभू की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे तुरंत अलवर के जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां रात करीब 10 बजे उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने की आर्थिक सहायता की मांग
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पीड़ित परिवार के सदस्य विक्रम ने बताया कि शिंभू के चार छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनमें से दो तो अभी बहुत छोटे हैं। शिंभू की अचानक मौत से पूरा परिवार सदमे में है और भविष्य को लेकर चिंतित भी। परिजनों ने प्रशासन और सरकार से आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है, ताकि शिंभू के बच्चों का पालन-पोषण हो सके और परिवार दो वक्त की रोटी जुटा सके।
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घटना की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब इस बात की जांच में जुटी है कि शिंभू दयाल ने यह कर्ज आखिर किससे और क्यों लिया था, जबकि उसने कोई व्यवसाय शुरू नहीं किया था। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कर्जदाताओं द्वारा उस पर किस प्रकार का दबाव डाला जा रहा था। पुलिस का मानना है कि पूरे मामले की तह तक जाने के लिए मृतक के मोबाइल फोन रिकॉर्ड, बैंक डिटेल्स और आसपास के लोगों से पूछताछ जरूरी होगी। फिलहाल गांव में शोक की लहर है और लोग इस घटना को लेकर बेहद दुखी हैं।