जिले में अवैध खनन का कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है। खनन माफिया अब कार्रवाई करने पहुंच रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को भी खुलेआम चुनौती देने लगे हैं। ऐसा ही मामला गढ़ी रेंज क्षेत्र में सामने आया, जहां अवैध खनन रोकने पहुंची वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया गया। आरोप है कि लोगों ने टीम को घेरकर गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की, वहीं ट्रैक्टर चढ़ाकर जान से मारने की कोशिश भी की गई।
जानकारी के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि गढ़ी रेंज के पाटन गांव स्थित आरक्षित वनखंड रोहाल पनासी क्षेत्र में अवैध खनन किया जा रहा है। सूचना पर क्षेत्रीय वन अधिकारी प्रवीण अहारी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वहां कम्प्रेशर मशीन की मदद से अवैध खनन कर ट्रैक्टर-ट्रॉली में पत्थर भरे जा रहे थे।
वन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर चालक को रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान वाला पुत्र भूरजी कटारा और उसके परिवार सहित करीब 35 से 40 पुरुष और महिलाएं मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने वन विभाग की टीम को घेर लिया और गाली-गलौज व धक्का-मुक्की शुरू कर दी।
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रिपोर्ट के मुताबिक आरोपियों ने वन विभाग द्वारा जब्त किए गए ट्रैक्टर-ट्रॉली और कम्प्रेशर मशीन को भी जबरन छुड़ा लिया। इस दौरान वाला कटारा के बेटे ने ट्रैक्टर चलाकर वनपाल हीरा मीणा, सहायक वनपाल पुष्पेंद्र कुमार माली, वनरक्षक नटवर तीरगर और भूपेश पाटीदार पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की। हालांकि वन विभाग की टीम किसी तरह बच निकली।
वन विभाग के कर्मचारियों का आरोप है कि आरोपियों ने दोबारा क्षेत्र में गश्त करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। मामले में वनपाल हीरा मीणा ने वाला पुत्र भूरजी कटारा और उसके परिवार के 35-40 लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, धमकी, अवैध खनन और राजकीय संपत्ति छुड़ाने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज करवाया है। वन विभाग ने जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉली और कम्प्रेशर मशीन को विभागीय कार्रवाई के लिए सुपुर्द करने की भी मांग की है।
रोहाल पनासी में वनकार्मिकों की कार्रवाई का वायरल वीडियो। फोटो : credit
रोहाल पनासी में वनकार्मिकों की कार्रवाई का वायरल वीडियो। फोटो : credit