बाड़मेर पुलिस ने जिले में एमडी ड्रग बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ करने की बड़ी कामयाबी हासिल की है। बाड़मेर पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना ने पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही का खुलासा किया। बाड़मेर पुलिस की सक्रियता के चलते फैक्ट्री शुरू होने के एक दिन बाद ही पुलिस ने इसका भंडाफोड़ कर दिया। इस फैक्ट्री में जब्त सामग्री से 100 करोड़ रुपये की अवैध एमडी ड्रग्स तैयार करने की जा सकती थी, लेकिन पुलिस ने आरोपियों के मंसूबों को नाकाम करते हुए पहले ही पर्दाफाश कर दिया। इस कार्रवाई में पुलिस ने फैक्ट्री में ड्रग बनाने की सामग्री आदि को जब्त किया है। जिसकी अनुमानित 40 लाख रुपये कीमत आंकी गई है। पुलिस पूछताछ में तस्करों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। ये लोग किताब से पढ़कर एमडी ड्रग बनाते थे। पहले ये लोग सोशल मीडिया से एमडी बनाने का नुस्खा लेते थे, जब सीख गए तो इसकी एक दो किताबें बना डाली और इसी को तस्करों और सप्लायरों में सर्कुलेट किया जाता था।
एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने बताया कि 22 जुलाई को सूचना प्राप्त हुई कि पुलिस थाना सेड़वा क्षेत्र के घोलकिया मे मांगीलाल विश्नोई निवासी धोलकिया कारटीया के खेत मे बने रहवासी ढाणी के पीछे बने छपरे में अवैध मादक पदार्थ बनाने की फैक्ट्री लगाई हुई, जिसमें भारी मात्रा मे एमडी बना रहे है। इस सूचना पर पुलिस टीमों का गठन कर दबिश देने के निर्देश देने के साथ मौके पर पहुंचकर कार्यवाही को अंजाम दिया गया। पुलिस टीम को देखकर फैक्ट्री से 3 लोग भागने लगे। पुलिस ने पीछा करके मांगीलाल विश्नोई निवासी धोलकिया कारटीया व बीरजु जयेन्द्र शुक्ला निवासी मुम्बई को गिरफ्तार किया गया, जबकि गणपत सिंह रावणा राजपूत निवासी आकल भागने में सफल हो गया। जिसकी तलाश की जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस दौरान तलाशी ली गई एमडी ड्रग्स बनाने की मशीन का सेटअप तथा भारी मात्रा में केमिकल जरीकेन, अन्य सामग्री पाई गई। जिसपर एनसीबी टीम को जोधपुर से बुलाया गया। उन्होंने बताया कि जब्त सामग्री की कीमत जब्त मादक पदार्थ बनाने की फैक्ट्री, केमिकल, पाउडर व अन्य सामान की अनुमानित कीमत करीबन 40 लाख रुपये आंकी गई है। हालांकि इस सामग्री से करीब 100 करोड़ रूपये की एमडी ड्रग्स तैयार की जा सकती थी। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच पड़ताल में जुटी है।