थार नगरी बाड़मेर में रविवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। सुबह से ही आसमान में धूल के गुबार के कारण पूरा शहर धुंध की चादर में लिपटा रहा। दृश्यता इतनी कम रही कि वाहन चालकों को दिन के उजाले में भी लाइट जलाकर चलना पड़ा। वहीं दूसरी ओर भीषण गर्मी के साथ उमस ने जनजीवन को बेहाल कर दिया।
रेगिस्तानी क्षेत्र होने के चलते बाड़मेर में पहले से ही लोग गर्म हवाओं और सूखे मौसम की मार झेल रहे थे। लेकिन रविवार को धूलभरी धुंध और बढ़ती उमस ने लोगों की परेशानी को और भी अधिक बढ़ा दिया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि सुबह से ही सूरज की रोशनी धूल की चादर में छिपी रही, जिससे पूरा दिन जैसे अंधेरे में ही बीता।
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सांस लेना हुआ मुश्किल, घरों में भी महसूस हो रही तपिश
धूल के अत्यधिक गुबार और उमस के कारण लोगों को सांस लेने में तकलीफ का सामना करना पड़ा। घरों के भीतर भी गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। पंखे और कूलर भी गर्म हवा ही उगल रहे हैं, जिससे लोग बेहद परेशान हैं। धूल की वजह से न केवल सड़क पर चलना मुश्किल हुआ बल्कि घरों में भी मोटी परतों में धूल जम गई।
गर्मी से राहत की उम्मीद फिलहाल नहीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि वह मानसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि तेज गर्मी और उमस से राहत मिल सके। लेकिन मौसम विभाग की ताजा चेतावनी ने उनकी उम्मीदों पर फिलहाल पानी फेर दिया है। विभाग ने 25 मई से 29 मई तक पश्चिमी राजस्थान के लिए हीटवेव अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में तापमान और उमस का कहर और बढ़ सकता है।
दृश्यता 100 मीटर से कम, वाहन चालक परेशान
रविवार को पूरे दिन धूल के गुबार ने सूर्य की किरणों को धरती तक पहुंचने नहीं दिया। दृश्यता इतनी कम थी कि शहर की सड़कों पर वाहन चालकों को दिन में ही हेडलाइट्स जलानी पड़ीं। कुछ स्थानों पर तो दृश्यता 100 मीटर से भी कम रही, जिससे हादसों की आशंका बढ़ गई।
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मानसून की राह देख रहे लोग
बाड़मेर के लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी का यह दौर पिछले कई दिनों से जारी है, लेकिन अब धूल और उमस ने स्थिति को और ज्यादा असहनीय बना दिया है। लोग बेसब्री से मानसून की प्रतीक्षा कर रहे हैं ताकि इस झुलसाने वाले मौसम से कुछ राहत मिल सके। हालांकि मौसम विभाग ने फिलहाल किसी राहत की संभावना से इनकार किया है।
फिलहाल सावधानी ही बचाव
विशेषज्ञों और प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे इस मौसम में आवश्यक सावधानियां बरतें। दिन के समय बाहर निकलने से बचें, खूब पानी पिएं, बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें और धूलभरी हवा से बचने के लिए मास्क का उपयोग करें।