चाहे हम कितनी भी तरक्की की बात करें, लेकिन आज भी गांवों की हालत बहुत खराब है। कई गांव अब भी सड़क, पानी और बिजली जैसी ज़रूरी सुविधाओं से वंचित हैं। गांव वाले कई बार इन समस्याओं को लेकर अफसरों और जनप्रतिनिधियों को जानकारी देते हैं, लेकिन जब बार-बार शिकायत करने के बाद भी कोई हल नहीं निकलता, तो लोग गुस्से में आ जाते हैं।
ऐसा ही मामला उज्जैन से 60 किलोमीटर दूर बड़नगर की खरसोदकला ग्राम पंचायत में सामने आया। यहां की महिलाओं ने गांव में सड़क नहीं बनने से नाराज होकर सरपंच और सचिव के ऑफिस में पहुंचकर कुर्सियां तोड़ दीं। गुस्साई महिलाओं ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही सड़क का काम शुरू नहीं हुआ तो और बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
पूरा मामला उज्जैन जिले की बड़नगर तहसील के खरसोद कला गांव का है। यहां की महिलाएं कई सालों से टूटी और खराब सड़कों से परेशान हैं। उन्होंने कई बार सरपंच और सचिव से शिकायत की, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला, कोई काम नहीं हुआ। जब बार-बार कहने पर भी कोई हल नहीं निकला, तो महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा।
यह भी पढ़ें: इंदौर में कोरोना के मामलों की निगरानी शुरू, नहीं है जांच के लिए कोई सरकारी सेंटर
गांव की महिलाएं गुस्से में सीधे पंचायत ऑफिस पहुंचीं और सरपंच-सचिव से सवाल करने लगीं। बात इतनी बढ़ गई कि उन्होंने ऑफिस की कुर्सियां तक फेंक दीं। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे प्रशासन भी हरकत में आ गया है।
महिलाओं ने बताया कि गांव की सड़कें इतनी खराब हैं कि बारिश या धूप में बच्चों को स्कूल ले जाना, बीमारों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाना बहुत मुश्किल हो गया है। कई महिलाएं कीचड़ में फिसलकर घायल हो चुकी हैं और कई बार मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाया। गांव की महिलाओं का दर्द सिर्फ टूटी सड़कों से नहीं है, बल्कि उस सिस्टम से है जो हर बार उन्हें सिर्फ वादे करता है, लेकिन कभी कुछ करता नहीं।