राजस्थान की भजनलाल सरकार 11 फरवरी को विधानसभा में अपना बजट पेश करने जा रही है। बजट को लेकर सीमावर्ती जिले बाड़मेर सहित पूरे प्रदेश में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और हर वर्ग के लोग इस बजट से अपने-अपने क्षेत्र से जुड़ी उम्मीदें लगाए बैठे हैं।
रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर अपेक्षाएं
बाड़मेर के लोगों का कहना है कि इस बार का बजट रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों पर केंद्रित होना चाहिए। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक की नजर इस बात पर है कि सरकार पढ़े-लिखे बेरोजगारों के लिए क्या नए अवसर लेकर आती है और सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर क्या घोषणाएं होती हैं।
महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान की मांग
बजट को लेकर बाड़मेर की महिलाओं ने महिला सशक्तिकरण से जुड़े ठोस फैसलों की अपेक्षा जताई है। उनका कहना है कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि स्किल डेवलपमेंट से जुड़ी योजनाएं भी जरूरी हैं, ताकि घरेलू कामकाजी महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सकें।
घरेलू कामकाजी महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद
महिलाओं का कहना है कि घरेलू कामकाजी महिलाओं के जीवन में आर्थिक सुधार की दिशा में सरकार को गंभीर प्रयास करने चाहिए। साथ ही अमीर और गरीब के बीच बढ़ती खाई को कम करने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
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युवाओं को अधिक भर्तियों की आस
युवाओं ने बजट से अधिक से अधिक सरकारी भर्तियों की घोषणा की उम्मीद जताई है। उनका कहना है कि पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के लिए ठोस नीति की जरूरत है। इसके साथ ही बिजली, पानी, सड़क, चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाओं को भी बजट में प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
बजट से तय होंगी विकास की प्राथमिकताएं
बाड़मेर सहित प्रदेश के लोगों का मानना है कि आने वाला बजट विकास की दिशा और सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करेगा। प्रदेश के मुखिया से आमजन को काफी उम्मीदें हैं, जिसके चलते इस बजट को लेकर जनता में विशेष उत्सुकता बनी हुई है।