बीकानेर के प्रख्यात उद्योगपति शिवरतन अग्रवाल को शुक्रवार को पूरे सम्मान और भावनात्मक माहौल में अंतिम विदाई दी गई। सतीमाता मंदिर के पास अग्रवाल समाज के श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां उनके इकलौते पुत्र दीपक अग्रवाल ने चंदन की चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान शहरभर से बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
'फन्ना बाबू अमर रहे'
सार्दुलगंज स्थित निवास से जब शिवरतन अग्रवाल की अंतिम यात्रा निकली तो हर किसी के आंखों में आंसू था। नत्थूसर गेट होते हुए श्मशान घाट तक 'फन्ना बाबू अमर रहे' के नारे गूंजते रहे। व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और आमजन की भारी भीड़ ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी।
सिर्फ व्यापारी ही नहीं समाजसेवी थे फन्ना बाबू
शिवरतन अग्रवाल, जिन्हें लोग स्नेह से ‘फन्ना बाबू’ कहते थे, केवल एक सफल उद्योगपति ही नहीं बल्कि समाजसेवी भी थे। उन्होंने पीबीएम अस्पताल परिसर में अपने पिता हल्दीराम मूलचंद कार्डियो वस्कूलर अस्पताल का निर्माण करवाया और ट्रस्ट के माध्यम से कई सरकारी विद्यालयों के पुनर्निर्माण में भी योगदान दिया।
श्रद्धांजलि देने पहुंचे अहम लोग
उनकी अंत्येष्टि से पहले निवास स्थान पर कई नेताओं और गणमान्य लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी, बीडी कल्ला, भंवर सिंह भाटी, गोविंद राम मेघवाल, कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल और वैभव गहलोत सहित अनेक नेताओं ने उन्हें विजनरी बिजनेसमैन बताया।
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