जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के काफिले के दौरान झुलसी मोमोज विक्रेता रेशू गुप्ता के मामले को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जुली ने अलग-अलग बयान जारी कर सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की।
खाचरियावास बोले- सरकार और प्रशासन जिम्मेदार
पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि रेशू गुप्ता के साथ हुई घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, अमानवीय और शर्मनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के काफिले के दौरान पुलिस की कार्रवाई में रेशू गंभीर रूप से झुलस गई, लेकिन उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाने के बजाय मौके पर छोड़ दिया गया।
आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएं
प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि इस पूरे मामले की जिम्मेदारी प्रशासन, संबंधित पुलिस अधिकारियों और मुख्यमंत्री के काफिले से जुड़े तंत्र की बनती है। खाचरियावास ने मांग की कि मुख्यमंत्री स्वयं अस्पताल जाकर पीड़िता का हालचाल लें, उसके समुचित इलाज की व्यवस्था करें, आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएं और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार ने समय रहते जिम्मेदारी नहीं निभाई, तो कांग्रेस पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
टीकाराम जुली ने उठाए सरकार पर सवाल
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जुली ने भी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या गरीब होना ही सबसे बड़ा अपराध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने वीआईपी मूवमेंट खत्म कर आम नागरिक की तरह चलने की बात कही थी, फिर उनके काफिले के दौरान एक गरीब युवती की जिंदगी क्यों प्रभावित हुई।
जुली ने कहा कि रेशू गुप्ता का आधा शरीर झुलस गया है और उसकी अभी शादी भी नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन अब यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहा है कि पीड़िता ने स्वयं पर पानी डाल लिया था।
बेहतर इलाज और मुआवजे की मांग
टीकाराम जुली ने कहा कि रेशू अपने परिवार का सहारा है और मेहनत-मजदूरी कर घर चलाती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने, पीड़िता को उचित मुआवजा देने और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने की मांग की।
फिलहाल, इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस लगातार सरकार पर सवाल उठा रही है, जबकि सरकार की ओर से इस संबंध में विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।