जालोर जिले के सांचौर थाना क्षेत्र में हाल ही में बढ़ रही चोरी और नकबजनी की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की इस कार्रवाई में दो करोड़ रुपये से अधिक की चोरी की वारदातों का खुलासा हुआ है। मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनसे बड़ी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के आभूषण, विदेशी मुद्रा और महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं।
ऑपरेशन 'खुलासा' से मिली सफलता
पुलिस अधीक्षक ज्ञानचंद यादव के निर्देशन में चलाए गए ऑपरेशन खुलासा के अंतर्गत यह बड़ी कार्रवाई की गई। इस अभियान की निगरानी आईपीएस अधिकारी कांबले शरण गोपीनाथ और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आवड़दान रतनू ने की। जबकि स्थानीय स्तर पर गठित विशेष पुलिस और सर्कल स्पेशल टीम ने तकनीकी सबूतों, मुखबिरों और अनुसंधान के आधार पर यह गिरोह पकड़ा।
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गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी भरत कुमार पुत्र बाबूलाल पुरोहित, निवासी खिरोड़ी थाना झाब के साथ अन्य छह आरोपी झाब, चितलवाना, सांचौर और अजमेर क्षेत्रों से हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी दिन के समय सुनसान और खाली पड़े मकानों की रेकी करते थे और फिर देर रात चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे।
पांच बड़ी वारदातों से पर्दा उठा, करोड़ों का सामान जब्त
पुलिस द्वारा उजागर की गई पांच प्रमुख चोरी की वारदातों में अब तक 300 ग्राम से अधिक सोना, 20 किलो से ज्यादा चांदी, पांच लाख रुपये से अधिक नकद राशि, 1100 अमेरिकी डॉलर और कई महंगे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस चोरी हुए थे। पुलिस ने यह सारा सामान आरोपियों के कब्जे से जब्त कर लिया है।
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी होटलों और ढाबों पर मिलकर योजनाबद्ध तरीके से चोरी की योजना बनाते थे, फिर टारगेट किए गए मकानों में सेंध लगाकर वारदात को अंजाम देते थे। उनके निशाने पर विशेष रूप से सांचौर शहर, आमली, सिद्धेश्वर, हिण्डवाडा और झाब क्षेत्र रहे।
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बीएनएस की संगठित अपराध धारा में मामला दर्ज
इस गिरोह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता बीएनएस 2023 की धारा 111 के तहत संगठित अपराध के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का मानना है कि गिरोह से जुड़ी अन्य बड़ी वारदातें भी उजागर हो सकती हैं, इसलिए आगे की पूछताछ और जांच जारी है।