जोधपुर के जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में लगी ‘भारत की विश्व विरासत : राजस्थान’ विषयक प्रदर्शनी के पोस्टर फाड़ने और तोड़फोड़ करने के मामले में रातानाडा थाना पुलिस ने एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष बबलू सोलंकी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश भी शुरू कर दी है।
एडीसीपी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी की ओर से सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और प्रदर्शनी के पोस्टर फाड़ने को लेकर रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी। रिपोर्ट में तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें से एक आरोपी बबलू सोलंकी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है।
जानकारी के अनुसार ‘भारत की विश्व विरासत : राजस्थान’ विषय पर यह प्रदर्शनी शनिवार से विश्वविद्यालय परिसर में शुरू हुई थी। शनिवार रात को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर लगाए गए पोस्टरों को लेकर आपत्ति जताई। उनका आरोप था कि पोस्टरों के कारण विश्वविद्यालय का नाम पीछे छिप गया है। इसी बात को लेकर जिलाध्यक्ष बबलू सोलंकी, एमएल चौधरी सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने रात में पोस्टर फाड़ दिए और कुछ स्थानों पर तोड़फोड़ भी की।
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बताया जा रहा है कि इस पूरी घटना के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर भी साझा किए गए, जिसके बाद मामला और चर्चा में आ गया। रविवार को पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। एसीपी मंगलेश चुंडावत ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई और रविवार रात करीब 9 बजे पुलिस ने बबलू सोलंकी को गिरफ्तार कर लिया।
बबलू सोलंकी की गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद एनएसयूआई कार्यकर्ता बड़ी संख्या में रातानाडा थाने के बाहर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पुलिस अधिकारियों से बहस भी हुई। बबलू सोलंकी का कहना है कि उन्होंने विश्वविद्यालय के सम्मान के लिए यह कदम उठाया है। वहीं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस घटना की आलोचना करते हुए इसे शर्मनाक और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की तोड़फोड़ हमारी सांस्कृतिक विरासत और इतिहास का अपमान है।