राजस्थान के कोटा जिले में ऐतिहासिक श्री मथुराधीश मंदिर काॅरिडोर के पहले चरण का निर्माण जल्द शुरू हो जाएगा। इसके लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को पथम चरण के कार्य का शिलान्यास कर दिया। इस दौरान उर्जा मंत्री हीरालाल नागर, कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा सहित जिला प्रशासनिक अधिकारी और काफी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे। इस प्रोजेक्ट में सड़कों का चैड़ा करना, मंदिर परिक्रमा मार्ग का सौंदर्यीकरण, पार्किंग सुविधा और यात्रियों के लिए होटल निर्माण शामिल है, जिस पर कुल 66.25 करोड़ रुपए खर्च होंगे। जिसमें पहले चरण में 18.24 करोड़ रुपए के सिविल कार्य प्रस्तावित हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरल ने इस मौके पर कहा कि यह मंदिर वल्लभ संप्रदाय के पुष्टिमार्ग की पहली पीठ है, जहां भक्तों की आस्था का केंद्र है। आज का ये दिन हमारे लिए दिव्य उत्सव का दिन है। प्रथम पीठ मथुराधीश मंदिर की आने वाले समय में देश और दुनियां के धर्मिक पर्यटनों के लिए विशेष आस्था का केन्द्र बनेगा। इस परकोटे के जो बाजार, जो हमारी विरासत है, जिस गलियों के अंदर हम सबने अपने जीवन को बिताया है, आज समय आ गया है कि हम इस परकोटे की विरासत को देश और दुनिया के सामने रखे। मथुराधीश मंदिर जहां पर देश और दुनियां के भक्त आते है, इसलिए आज इसके आध्यात्मिक उर्जा और हमारे आस्था के केन्द्र मंदिरों के पुर्ननिर्माण का समय आ गया है। जब देश का पुर्नविकास हो रहा हो, आस्था के केन्द्रों का पुर्नविकास किया जा रहा है तो भारत की वल्लभ संप्रदाय की प्रथम पीठ मथुराधीश का विकास कैसे रोक सकते थे।
मथुराधीश मंदिर के काॅरिडोर निर्माण के पहले चरण में मंदिर को चंबल रिवर फ्रंट से जोड़ने के लिए करीब 200 मीटर लंबा और 40 फीट चैड़ा एलिवेटेड रोड बनेगा। पहले यह एलिवेटेड रोड मंदिर से भट्टजी घाट की पुलिया तक ही प्रस्तावित था, जिसे अब इसे रिवर फ्रंट के गणेश पोल घाट तक बढ़ाया है। जिससे मंदिर और रिवर फ्रंट के बीच एक नया कनेक्टिंग कॉरिडोर विकसित हो जाएगा। इसके साथ ही एलिवेटेड रोड के नीचे भी सड़क चैड़ी की जाएगी।
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सामान्य दिनों में मथुराधीश जी के दर्शन करने के लिए करीब 1 हजार भक्त आते हैं। लेकिन रविवार और अन्य अवकाश वाले दिनों में भक्तों की संख्या 3-4 हजार पहुंच जाती है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद गढ़ पैलेस स्थित साई बाबा मंदिर से सीधे मंदिर तक पहुंच आसान हो जाएगी। दोनों काम के लिए 23 मकानों व मंदिर की लगभग 15 हजार वर्गफीट भूमि का अधिग्रहण होगा। जिसमें पहले चरण के बाद टिपटा चैराहा भूरिया गणेशजी मंदिर से पाटनपोल दरवाजे व परिक्रमा मार्ग का हैरिटेज लुक में सौंदर्याकरण प्रस्तावित है।