राजस्थान के कोटा जिले की पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक बदमाश को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ने कोहिनूर गैंग के सदस्यों से पिस्तौल खरीदी थी। ये कार्रवाई शहर के बोरखेड़ा थाना पुलिस द्वारा की गई है। आरोपी हथियार को बेचने की फिराक में घूम रहा था। वहीं, सामने ये भी आया है कि आरोपी कांग्रेसी कार्यकर्ता है और पूर्व में विधानसभा क्षेत्र का यूथ कांग्रेस अध्यक्ष रह चुका है।
बोरखेड़ा थाना अधिकारी अनिल टेलर ने बताया कि अवैध हथियारों को खरीद फरोख्त को रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस को नया नोहरा क्षेत्र में अवैध गतिविधी की सूचना मिली थी। उसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एक युवक को पकड़ा, जिसकी तलाशी लेने के दौरान उसके पास से अवैध पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस पुलिस ने बरामद किया है। आरोपी की पहचान कैथून कस्बा निवासी देशराज चैधरी के रूप में हुई है, जिससे अवैध हथियार से संबंधित पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने पिस्तौल शौक के तौर पर रखी थी। उसने यह भी स्वीकार किया कि वह प्रॉपर्टी का व्यवसाय करता है और करीब डेढ़ महीने पहले यह पिस्तौल खरीदी थी।
आरोपी ने पुलिस को ये भी बताया कि उसने ये पिस्तौल शरणजीत सरदार, कालू भोरा और लोकेश नामक व्यक्तियों से खरीदी थी। पुलिस अब हथियार सप्लाई के पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है। सामने ये भी आया है कि आरोपी हथियार को बेचने की फिराक में भी था। इस खुलासे के बाद पुलिस ने संबंधित संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि हथियार कोहिनूर गैंग से जुड़े व्यक्तियों के माध्यम से खरीदा गया था। फिलहाल कालू, शरणजीत और लोकेश फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
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हिस्ट्रीशीटर द्वारा किए गए अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर
वहीं, वन विभाग और पुलिस ने शुक्रवार सुबह संयुक्त कार्रवाई कर रानपुर थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर कालू भड़क द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासनिक टीम ने वन विभाग की जमीन पर किए गए पक्के और कच्चे निर्माण पर बुलडोजर चलाया। इस दौरान करीब 20 से 22 बीघा भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
डीएसपी मनीष शर्मा ने बताया कि कालू भड़क ने लंबे समय से फॉरेस्ट की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा था, जहां मकान, बाड़े और खेती जैसी गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारी तथा वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तैनात रहे, जिससे पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।