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Kotputli-Behror News: एकमात्र बस के भरोसे ग्राम चुरी, दरवाजे पर लटककर सफर करने को मजबूर लोग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली-बहरोड़ Published by: कोटपुतली ब्यूरो Updated Fri, 09 Jan 2026 07:47 PM IST
“बच्चा घर से निकला है… लेकिन सुरक्षित लौटेगा या नहीं?” यह सवाल ग्राम चुरी सहित कई गांव व ढाणियों के हर घर की चिंता बना हुआ है। वजह है गांव की बदहाल रोडवेज बस व्यवस्था, जिसने आमजन के साथ-साथ स्कूली छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
ग्राम चुरी में आयोजित ग्रामीणों की बैठक में परिवहन व्यवस्था की भयावह सच्चाई सामने आई। ग्रामीणों ने बताया कि पूरे गांव के लिए दिनभर में केवल एक ही रोडवेज बस संचालित होती है। सुबह के समय यही एकमात्र बस स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं, नौकरीपेशा लोगों और अन्य यात्रियों से खचाखच भर जाती है। हालात इतने गंभीर हो जाते हैं कि कई बार बच्चों को बस के फाटक पर लटककर यात्रा करनी पड़ती है, जो किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि सुबह के बाद शाम तक कोई वैकल्पिक बस सेवा नहीं होने से लोग मजबूरी में निजी वाहनों से सफर करते हैं। सर्दी के मौसम में कोहरा, घुमावदार सड़कें और परीक्षा का दबाव, इन हालात में छात्रों का बाइक या अन्य साधनों से आना-जाना बेहद जोखिमभरा हो जाता है। महिलाओं और बुजुर्गों को भी अत्यधिक भीड़ के कारण असुरक्षित यात्रा करनी पड़ती है।
एक ग्रामीण ने बताया कि जब तक बच्चे सुरक्षित घर नहीं लौट आते, तब तक परिवारों को अनहोनी की आशंका सताती रहती है। यात्रियों को दूसरी बस के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है क्योंकि वही बस लंबे अंतराल के बाद दोबारा गांव पहुंचती है।
बैठक में सर्वसम्मति से रोडवेज विभाग को ज्ञापन सौंपकर दूसरी बस सेवा शुरू कराने का निर्णय लिया गया। बहरहाल बड़ा सवाल यही है क्या प्रशासन समय रहते चेत जाएगा, या किसी हादसे के बाद ही आंखें खुलेंगी?
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