कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराणा औद्योगिक क्षेत्र में बुधवार को आयोजित सुरक्षा समीक्षा बैठक के दौरान चौकाने वाला खुलासा सामने आया, जब पुलिस ने एक गंभीर सुरक्षा इनपुट जिला कलेक्टर के समक्ष साझा किया। बैठक में क्षेत्र के उद्योगपति, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। हाल ही में खैरथल जिले के भिवाड़ी में हुए हादसे के मद्देनजर औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही थी।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे जिला कलेक्टर के समक्ष नीमराणा थाना अधिकारी राजेश मीणा ने बताया कि नीमराणा स्थित एक कंपनी में कार्यरत एक मजदूर के पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में होने की सूचना जांच एजेंसियों को मिली थी। इस इनपुट के बाद स्थानीय पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां तत्काल सक्रिय हो गईं। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला कि संदिग्ध व्यक्ति दिल्ली-जयपुर क्षेत्र के बाद नीमराणा को अपना ठिकाना बनाने की साजिश में शामिल था।
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थाना अधिकारी ने जानकारी दी कि समय रहते कार्रवाई करते हुए 10 फरवरी को उक्त संदिग्ध को पंजाब में गिरफ्तार कर लिया गया। पंजाब पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि उनका उद्देश्य किसी औद्योगिक क्षेत्र को निशाना बनाना हो सकता था। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि औद्योगिक हब के रूप में विकसित हो रहे नीमराणा को संभावित लक्ष्य के तौर पर चिन्हित किया गया था।
हालांकि, अब तक किसी भी स्थानीय औद्योगिक इकाई को प्रत्यक्ष नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन इस इनपुट को बेहद गंभीर मानते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में उद्योगपतियों को अपने परिसरों में सीसीटीवी सिस्टम, एंट्री-एग्जिट रजिस्टर, कर्मचारियों का सत्यापन और नियमित मॉक ड्रिल सुनिश्चित करने को कहा गया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है। बैठक के बाद सुरक्षा एजेंसियां क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और खुफिया तंत्र को मजबूत करने में जुट गई हैं।