कोटपूतली-बहरोड़ जिले के ग्राम चुरी में भीषण जल संकट ने ग्रामीणों का जीना मुश्किल कर दिया है। पिछले एक माह से गांव में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे आक्रोशित महिलाओं सहित ग्रामीणों ने बैठक कर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि पानी के अभाव में रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी चुनौती बन गया है और हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं।
बैठक में ग्रामीण मनोज मान्डैया ने बताया कि गांव में कुल चार बोरवेल हैं, लेकिन सभी पिछले एक माह से खराब पड़े हैं। पंचायत भवन के पास स्थित बोरवेल भी बंद पड़ा है, बावजूद इसके सरपंच और सचिव द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने बताया कि गांव में बनाई गई पानी की टंकी आज तक चालू नहीं हो सकी। ठेकेदार द्वारा घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग के कारण टंकी में लगातार लीकेज हो रहा है, जिससे वह अनुपयोगी बनी हुई है।
पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों को मजबूरी में निजी टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है। अधिकतर ग्रामीण मजदूर वर्ग से जुड़े हैं, ऐसे में टैंकरों पर खर्च किया जा रहा पैसा उनके लिए भारी आर्थिक बोझ साबित हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत प्रशासन और जलदाय विभाग को कई बार स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक न तो बोरवेलों की मरम्मत कराई गई और न ही टैंकर व्यवस्था की गई।
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जल संकट से परेशान ग्रामीणों ने महिलाओं के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन करते हुए जल्द समाधान की मांग उठाई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बैठक के बाद पंचायत में सरपंच को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया।
इस दौरान लीला देवी, मौसम, कीरण देवी, गुलाब, सुभान, पायल यादव, गीता, शीला, निशा, पुष्पा देवी, ग्यारसी देवी, सत्यपाल पंच, शिवराज सैन, नत्थूराम सैन, राजू यादव, मनोज मान्डैया, ओमी यादव, पप्पू यादव, पृथ्वी सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।