डीडवाना-कुचामन जिले के चितावा थाना क्षेत्र से पुलिस महकमे को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। न्यायालय के इस्तगासे के बाद चितावा थाने में तत्कालीन थानाधिकारी तेजाराम, कांस्टेबल इन्द्राज मीणा सहित छह नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की विभिन्न गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर में आरोप है कि पैसों के लेनदेन के विवाद के बाद एक दलित युवक को थाने बुलाकर हवालात में बेरहमी से पीटा गया, जिससे उसके कान का पर्दा फट गया।
थाने में जातिसूचक टिप्पणी और मारपीट का आरोप
परिवादी विजय कुमार मेघवाल ने आरोप लगाया है कि पहले उसके भाई की शिकायत दर्ज नहीं की गई। इसके बाद जब वह अपने परिवार के साथ दोबारा थाने पहुंचा तो कथित रूप से पुलिसकर्मियों ने जातिसूचक शब्द कहे, थप्पड़ मारा और उसे हवालात में बंद कर लात-घूंसों से मारपीट की। शिकायत में तत्कालीन थानाधिकारी समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर भी घटना में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।
कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुई एफआईआर
न्यायालय के आदेश के बाद 2 जुलाई 2026 को चितावा थाने में एफआईआर दर्ज की गई। मामले में तत्कालीन थानाधिकारी तेजाराम, कांस्टेबल इन्द्राज मीणा सहित छह लोगों को नामजद किया गया है। पूरे मामले की जांच मकराना के सीओ विक्की नागपाल को सौंपी गई है। पुलिस अब न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप सभी आरोपों की जांच करेगी। मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के हैं और उनकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हलचल तेज हो गई है।
पहले शिकायत नहीं लिखने का भी आरोप
अधिवक्ता तेजपाल पुरी ने बताया कि परिवादी विजय कुमार के अनुसार उसके भाई बलजीत के साथ 13 अक्टूबर 2025 को मारपीट की घटना हुई थी। घटना के बाद उसी दिन विजय कुमार रिपोर्ट दर्ज कराने चितावा थाने पहुंचा, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। इसके बाद 14 अक्टूबर 2025 को वह दोबारा थाने पहुंचा, फिर भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
कोर्ट ने दिया मुकदमा दर्ज करने के आदेश
अधिवक्ता के अनुसार, अगले दिन बलजीत अपने माता-पिता के साथ चितावा थाने गया, जहां पुलिसकर्मियों ने कथित रूप से उसे हवालात में बंद कर उसके साथ मारपीट की। इसके बाद विजय कुमार ने जिला पुलिस अधीक्षक, डीडवाना-कुचामन को परिवाद दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर एसीजेएम न्यायालय, कुचामन सिटी में इस्तगासा दायर किया गया।
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इसी परिवाद और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर एसीजेएम धर्मेंद्र सिंह जाखड़ ने चितावा थानाधिकारी सहित छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट एवं बीएनएस की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए।