राजस्थान में पल्स पोलियो महाअभियान का रविवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने अपने गृह क्षेत्र खींवसर ग्राम पंचायत से अभियान की शुरुआत करते हुए नन्हे बच्चों को पोलियो की 'दो बूंद जिंदगी की' पिलाकर प्रदेशव्यापी अभियान का आगाज किया। कार्यक्रम में खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा भी मौजूद रहे।
बच्चों को पिलाई पोलियो की खुराक
कार्यक्रम के दौरान जिला चिकित्सा अधिकारी, आरसीएचओ एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने चिकित्सा मंत्री का स्वागत किया। इसके बाद मंत्री ने बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई और अभिभावकों से अपने पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलाने की अपील की।
'पोलियो मुक्त भारत' बनाए रखने पर जोर
इस अवसर पर चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि वर्ष 2014 में भारत को पोलियो मुक्त देश घोषित किया गया था, जो पूरे देश के लिए गर्व की बात है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी की दोबारा वापसी रोकने के लिए सतर्कता बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित नहीं रहे।
घर-घर पहुंचेंगी स्वास्थ्य विभाग की टीमें
मंत्री ने कहा कि पांच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को निर्धारित अभियान के तहत पोलियो की दवा पिलाना आवश्यक है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें बूथों के साथ-साथ घर-घर जाकर भी बच्चों को दवा पिलाएंगी। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपने बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य दिलाएं।
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राज्यभर में व्यापक तैयारियां, विभाग पूरी तरह मुस्तैद
स्वास्थ्य विभाग की मानें तो राज्यभर में शुरू हुए इस महाअभियान के तहत व्यापक तैयारियां की हैं। चिकित्सा विभाग का उद्देश्य है कि राजस्थान में पोलियो मुक्त स्थिति को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए और भविष्य में भी इस बीमारी की पुनरावृत्ति की कोई संभावना न रहे। अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरी तरह मुस्तैद बताई जा रही है।