रणथंभौर टाइगर रिजर्व से सटे फलौदी टोरडा गांव में दहशत का कारण बने पैंथरों को पकड़ने के अभियान में वन विभाग को लगातार सफलता मिल रही है। इसी क्रम में शनिवार देर रात एक और पैंथर वन विभाग के लगाए पिंजरे में कैद हो गया। स्वास्थ्य जांच के बाद उसे रणथंभौर के दूरस्थ वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। पिछले दो दिनों में वन विभाग अब तक तीन पैंथरों का रेस्क्यू कर चुका है। इससे पहले शुक्रवार को भी दो अलग-अलग पिंजरों में दो पैंथर कैद हुए थे। लगातार तीन पैंथरों के पकड़े जाने के बाद गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है और वन विभाग की कार्रवाई की सराहना की है।
रणथंभौर के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि फलौदी टोरडा गांव के आबादी क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से पैंथरों की आवाजाही लगातार देखी जा रही थी, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल था। सूचना मिलने पर वन विभाग ने गांव और उसके आसपास अलग-अलग स्थानों पर तीन पिंजरे लगाए थे। साथ ही वनकर्मियों की विशेष टीम को 24 घंटे निगरानी के लिए तैनात किया गया था।
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उन्होंने बताया कि वनकर्मियों की सतर्कता और लगातार निगरानी का परिणाम रहा कि दो दिनों में तीन पैंथर सुरक्षित तरीके से पिंजरों में कैद कर लिए गए। फिलहाल वन विभाग की टीम क्षेत्र में लगातार गश्त कर रही है और पिंजरे भी गांव के आसपास लगाए हुए हैं। यदि किसी अन्य पैंथर की गतिविधि गांव के निकट दिखाई देती है, तो उसे भी जल्द रेस्क्यू किया जाएगा।
डीएफओ मानस सिंह ने कहा कि रणथंभौर प्रशासन वन्यजीवों के संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों की सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावनाओं को कम करने के लिए वन विभाग की टीमें लगातार गश्त और वन्यजीवों की मॉनिटरिंग कर रही हैं।