सिरोही जिले में इन दिनों मौसम में बदलाव के साथ ही आबूरोड अंचल में जगह-जगह औषधीय गुणों से भरपूर पलाश (टेसू) के पौधे पर फूल आ गए हैं। इससे यहां का वातावरण बेहद मनमोहक हो गया है। आइए आज हम इस फूल के औषधीय महत्व के बारे में बता रहे हैं।
वर्तमान में आबूरोड-माउंटआबू, आबूरोड-अंबाजी और आबूरोड हनुमान टेकरी कुई सांगना- उपलागढ़ मार्ग पर रोड के दोनों ओर पलाश (टेशू) के फूल गए हैं। इससे गर्मी का दौर शुरू होते ही वातावरण में छाई निरसता को मनमोहकता में बदल दिया है। आयुर्वेद के अनुसार, पलाश के फूलों को सेहत के लिए औषधी माना गया है।
पलाश का पेड़ अपने फूलों से लेकर बीज और जड़ तक दवा बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। कई जगह पलाश के फूलों को टेसू के फूल के नाम से भी जाना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, पलाश के फूल चर्म रोग से लेकर डायबिटीज और बवासीर जैसी कई सेहत से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद हो सकते हैं। यही वजह है कि आयुर्वेद में इसे एक शक्तिशाली जड़ी-बूटी माना जाता है। आइए जानते हैं पलाश के फूल सेहत के लिए कैसे हैं फायदेमंद।
पलाश के फूलों को लेकर क्या कहते हैं वरिष्ठ आयुर्वेद मर्मज्ञ
इस मामले में सेवानिवृत जिला आयुर्वेद अधिकारी वैद्य दामोदर प्रसाद चतुर्वेदी का कहना है कि पलाश के बीज में एंटीवर्म गुण पाया जाता है। इसकी वजह से ये पेट के कीड़ों को नष्ट करने में मदद कर सकता है। नियमित रूप से पलाश के बीज का पाउडर खाने से किसी भी तरह के पेट के संक्रमण में राहत मिल सकती है। इसके लिए एक चम्मच पलाश के पाउडर को शहद के साथ मिलाकर सुबह खाली पेट लिया जा सकता है। पलाश में एंटी हाइपरग्लाइसेमिक गुण सबसे ज्यादा पाया जाता है, जो मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। यह अच्छे कोलेस्ट्रॉल को और ज्यादा बेहतर करने में मदद करता है।
बवासीर या पाइल्स की वजह से गुदा के अंदरूनी हिस्से में या बाहर के हिस्से में कुछ मस्से बन जाते हैं। इन मस्सों से कई बार खून निकलने के साथ दर्द भी होता है। लेकिन पलाश के फूल इस समस्या से राहत दिला सकते हैं। दरअसल, पलाश के सूखे फूलों के पाउडर में कुछ ऐसे खनिज पाए जाते हैं, जो बवासीर के इलाज में काम आ सकते हैं। पलाश में मौजूद एसट्रिनजेंट गुण त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद है।
आयुर्वेद के अनुसार, पलाश के बीज का पेस्ट त्वचा पर लगाने पर एक्जिमा और अन्य त्वचा विकारों से निजात दिलाने में मदद कर सकता है। पलाश के बीज का पेस्ट स्किन पर लगाने से त्वचा में खुजली और रूखेपन जैसी समस्याओं में भी निजात दिला सकता है। पलाश के पत्तों में टिक्टा गुण मौजूद होते हैं, जो शरीर में कफ और पित्त को कम करते हैं, जिसके कारण चयापचय में सुधार होता है और हाई ब्लड प्रेशर के स्तर को विनियमित करने में मदद मिलती है।