टोंक जिले के केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान (सीएसडब्ल्यूआरआई), अविकानगर द्वारा विकसित ‘अविशान’ भेड़ को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), नई दिल्ली ने नई नस्ल के रूप में पंजीकृत कर लिया है। यह भेड़ एक बार में एक से अधिक मेमने देने की क्षमता रखती है, जिससे भेड़पालकों की आय बढ़ने की संभावना है।
शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में मिला प्रमाण पत्र
इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. मांगीलाल जाट और उप-महानिदेशक डॉ. आर. भट्टा की उपस्थिति में संस्थान के निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर एवं अविशान भेड़ विकसित करने वाली वैज्ञानिक टीम को सम्मानित कर प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
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देशभर में बढ़ावा देने की तैयारी
निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर ने बताया कि अविशान भेड़ के पंजीकरण के बाद अविकानगर सहित देश के अन्य राज्यों में इस नस्ल को बढ़ावा देने के लिए विशेष परियोजनाएं लाई जाएंगी। संस्थान का लक्ष्य है कि इस भेड़ को अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाया जाए, ताकि प्रति भेड़ उत्पादन बढ़ाया जा सके और पशुपालकों की आय में वृद्धि हो।