Hindi News
›
Video
›
Uttar Pradesh
›
Amethi News
›
VIDEO: स्कूल विलय का दिखने लगा असर, कई छात्रों ने छोड़ा स्कूल, घट रही उपस्थिति, अभिभावक में भी असमंजस में
{"_id":"68779115032c2a535c086139","slug":"video-video-sakal-valya-ka-thakhana-lga-asara-kaii-chhatara-na-chhaugdha-sakal-ghata-raha-upasathata-abhabhavaka-ma-bha-asamajasa-ma-2025-07-16","type":"video","status":"publish","title_hn":"VIDEO: स्कूल विलय का दिखने लगा असर, कई छात्रों ने छोड़ा स्कूल, घट रही उपस्थिति, अभिभावक में भी असमंजस में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
VIDEO: स्कूल विलय का दिखने लगा असर, कई छात्रों ने छोड़ा स्कूल, घट रही उपस्थिति, अभिभावक में भी असमंजस में
अमेठी जिले के जगदीशपुर क्षेत्र में परिषदीय विद्यालयों के बीच हो रहे विलय का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। कुछ जगहों पर बच्चों की संख्या घट रही है, तो कहीं अभिभावकों ने दूरी और असुरक्षा के कारण बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। शिक्षकों के समझाने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है।
दिछौली के पूरे अमेठियन पुरवे में संचालित पूर्व माध्यमिक विद्यालय को अब प्राथमिक विद्यालय दिछौली में विलय कर दिया गया है। यह विद्यालय पूर्व में लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित था, जहां बच्चों को पढ़ाई और स्थान दोनों की सुविधा थी। अब नए सत्र 2025-26 में केवल 31 बच्चे पंजीकृत हैं, जबकि पिछले सत्र में यह संख्या 49 थी।
बुधवार को मात्र छह बच्चे ही विद्यालय पहुंचे। इंचार्ज प्रधानाध्यापक रजनी शुक्ला ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय में पहले से ही कक्षा एक से पांच तक 183 बच्चों का पंजीकरण हो चुका है। जुलाई माह तक यह संख्या और बढ़ेगी, लेकिन अतिरिक्त बच्चों के आने से जगह और संसाधन की कमी महसूस हो रही है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक विजय पाल शर्मा को भी प्राथमिक विद्यालय में संबद्ध किया गया है।
उन्होंने बताया कि बच्चों की संख्या इसलिए घट रही है क्योंकि नए स्थान तक पहुंचने में उन्हें परेशानी हो रही है और अभिभावकों को असुरक्षा का डर है। गांव प्रधान प्रतिनिधि गाजी लाल मोदी ने कहा कि कई ग्रामीण इन दिनों धान की रोपाई में व्यस्त हैं। जैसे ही समय मिलेगा, वे बच्चों को स्कूल भेजेंगे। हालांकि दूरी और एकल शिक्षक की समस्या भी सामने आई है।
गृहणी अमरावती, परवीन सिंह और सतेंद्र सिंह ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय के सामने तालाब है जिससे बच्चों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है। उनके मुताबिक पुराने विद्यालय परिसर में पर्याप्त जगह है, इसलिए दोनों विद्यालयों का संचालन वहीं किया जाना चाहिए।
विलय से घटा नामांकन, बढ़ी चिंता
पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पिछले वर्ष 49 बच्चे पंजीकृत थे, जबकि नए सत्र में यह घटकर 31 रह गए। बुधवार को सिर्फ छह बच्चे स्कूल पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि दूरी, असुरक्षित मार्ग और जगह की कमी बच्चों की उपस्थिति घटने के मुख्य कारण हैं।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
$video_url='';
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।