{"_id":"69b67af59adcf26512037450","slug":"video-ayathhaya-ma-mathara-sapatata-ka-vavatha-aaya-samana-2026-03-15","type":"video","status":"publish","title_hn":"अयोध्या में मंदिर संपत्ति का विवाद आया सामने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अयोध्या से एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां ठाकुर राम जानकी राम कचहरी मंदिर की संपत्ति को लेकर कब्जेदारी का विवाद गहरा गया है। मंदिर के महंत शशिकांत दास ने राजस्व अधिकारियों और विपक्षी पक्ष पर मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया है।
महंत शशिकांत दास के मुताबिक, मंदिर की संपत्ति को लेकर मामला एसडीएम कोर्ट में विचाराधीन था। सुनवाई के दौरान लेखपाल सर्वेश मिश्रा का बयान होना था। लेकिन कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद लेखपाल कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। इसी बीच आरोप है कि विपक्षी पक्ष के साथ मिलकर नायब तहसीलदार के यहां से गुपचुप तरीके से नया वसीयतनामा तैयार कराया गया और उसके आधार पर दाखिल-खारिज का आदेश भी करा लिया गया।
महंत का कहना है कि इस मामले में पहले से ही ऊपरी अदालत में मुकदमा लंबित था, ऐसे में निचली अदालत को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं था। जब उन्हें इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने नायब तहसीलदार से मिलकर आपत्ति दर्ज कराई और अपने वकील के माध्यम से नोटिस भी भेजा।
इसके बाद नायब तहसीलदार ने अपने आदेश को वापस ले लिया। वहीं महंत का आरोप है कि इस पूरे प्रकरण में उन्हें धमकियां भी मिलीं। जिसके बाद उन्होंने सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया। अदालत ने धारा 156(3) के तहत कोतवाली पुलिस को तीन दिन के भीतर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।