अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस और अखिल भारतीय विद्युत कर्मचारी संघ के बैनर तले बिजली कर्मचारियों ने मंगलवार को गन्ना दफ्तर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बिना किसी पूर्व सूचना के 346 कर्मचारियों की बर्खास्तगी पर नाराजगी जताई और इसे अन्याय करार दिया।
भ्रष्टाचार और मनमानी का आरोप
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि अधिकारियों ने बिना नोटिस दिए उन्हें नौकरी से निकाल दिया और उनकी जगह नई भर्तियां कर लीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है और पैसे लेकर नियुक्तियां की गई हैं।
1050 में से सिर्फ 670 कर्मचारियों को मिली जगह
बाराबंकी में कुल 1050 संविदा कर्मचारी लाइनमैन के पद पर कार्यरत थे, लेकिन अधिकारियों ने अब सिर्फ 670 कर्मचारियों को ही बनाए रखने का फैसला किया। इससे 346 कर्मचारियों की नौकरी छिन गई।
बड़े आंदोलन की चेतावनी
कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर बर्खास्त किए गए कर्मचारियों को बहाल नहीं किया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
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