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मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में बुधवार को धार्मिक आस्था के नाम पर बड़ा हंगामा हुआ। 65 वर्षीय सुल्ताना बी, जो घर में गिरने से घायल हुई थीं, इलाज के लिए अस्पताल पहुंची थीं। प्रारंभिक जांच के दौरान डॉक्टरों ने मुंह पर आई चोट देखने के लिए हिजाब हटाने का अनुरोध किया, लेकिन यह बात परिजनों और साथ आई महिलाओं को नागवार गुज़री।
डॉक्टर के हिजाब हटाने की बात कहते ही महिला के साथ आई भीड़ भड़क गई। देखते-देखते बात हाथापाई में बदल गई। महिलाओं और परिजनों ने डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ पर हमला कर दिया, वार्ड में तोड़फोड़ करते हुए दवाइयों की ट्रॉलियां गिरा दीं और अस्पताल का दरवाजा तोड़ डाला। इस हमले में एक डॉक्टर और तीन नर्सिंग स्टाफ घायल हो गए। पूरा घटनाक्रम वार्ड में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया है।
ये भी पढ़ें- कफ सिरप कांड: आरोपी डॉक्टर की जमानत याचिका पर सुनवाई बढ़ी, हाईकोर्ट में पेश किए गए 11 आपत्ति आवेदन
घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर आरोपियों पर कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। सीएसपी अतुल सिंह के अनुसार, “मेडिकल कॉलेज की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है।
वहीं, हंगामा करने वाले पक्ष का आरोप है कि डॉक्टरों ने उनके साथ बदतमीजी की और बिना वजह हिजाब उतारने की ज़िद की। जबकि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों का कहना है कि इलाज के लिए चेहरे की चोट देखना ज़रूरी था, लेकिन धार्मिक आस्था के नाम पर बाधा डाली गई और स्टाफ के साथ मारपीट की गई।
मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में बुधवार को धार्मिक आस्था के नाम पर बड़ा हंगामा हुआ। 65 वर्षीय सुल्ताना बी, जो घर में गिरने से घायल हुई थीं, इलाज के लिए अस्पताल पहुंची थीं। प्रारंभिक जांच के दौरान डॉक्टरों ने मुंह पर आई चोट देखने के लिए हिजाब हटाने का अनुरोध किया, लेकिन यह बात परिजनों और साथ आई महिलाओं को नागवार गुज़री।
डॉक्टर के हिजाब हटाने की बात कहते ही महिला के साथ आई भीड़ भड़क गई। देखते-देखते बात हाथापाई में बदल गई। महिलाओं और परिजनों ने डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ पर हमला कर दिया, वार्ड में तोड़फोड़ करते हुए दवाइयों की ट्रॉलियां गिरा दीं और अस्पताल का दरवाजा तोड़ डाला। इस हमले में एक डॉक्टर और तीन नर्सिंग स्टाफ घायल हो गए। पूरा घटनाक्रम वार्ड में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया है।
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घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर आरोपियों पर कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। सीएसपी अतुल सिंह के अनुसार, “मेडिकल कॉलेज की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है।
वहीं, हंगामा करने वाले पक्ष का आरोप है कि डॉक्टरों ने उनके साथ बदतमीजी की और बिना वजह हिजाब उतारने की ज़िद की। जबकि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों का कहना है कि इलाज के लिए चेहरे की चोट देखना ज़रूरी था, लेकिन धार्मिक आस्था के नाम पर बाधा डाली गई और स्टाफ के साथ मारपीट की गई।