इस्राइल और ईरान के बीच संघर्ष अब अपने चरम पर है। इस बीच दोनों देशों के बीच जंग छिड़ने के आसार नजर आने लगे हैं। दरअसल, इस्राइल ने ईरान में परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने के साथ उसके सैन्य अधिकारियों पर भी हमले किए हैं। इसमें ईरान के सेना प्रमुख और वायुसेना प्रमुख के साथ ईरानी रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के प्रमुख की भी जान गई है। दूसरी तरफ ईरान ने भी इस्राइल पर ड्रोन्स और बैलिस्टिक मिसाइलों के जरिए जबरदस्त हमला बोला है और उसके कई अहम ठिकानों को तबाह किया है। इस पूरे संघर्ष में अब अमेरिका के जुड़ने के भी आसार लगाए जा रहे हैं। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनका प्रशासन अब संघर्षविराम के लिए नहीं, बल्कि अंत के लिए काम कर रहा है।
इस्राइल ने शुक्रवार (13 जून) को जब ईरान पर हमले शुरू किए थे, तब उसने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों- नतांज, फोरडाओ और इशाफान स्थित परमाणु परिसर को निशाना बनाने की कोशिश की थी। इनमें अब तक जो सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं, उनमें नतांज में जमीन से ऊपर बने कुछ ठिकानों को नुकसान की पुष्टि हुई है। हालांकि, अंडरग्राउंड ठिकाने सुरक्षित बताए गए हैं। वहीं, फोरडाओ में कोई नुकसान की खबर नहीं आई। इशफान को कुछ नुकसान की बात सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के मुताबिक, उसे फिलहाल ईरान में कहीं रेडिएशन फैलने के सबूत नहीं मिले हैं। हालांकि, उसने निगरानी जारी रखी है।
दूसरी तरफ ईरान के परमाणु ठिकानों, जिनमें फोरडाओ प्रमुख है, उसे नुकसान न पहुंचने की खबरों के बाद इस्राइल ने अमेरिका से मदद मांगी है। रिपोर्ट्स की मानें तो इस्राइल ने अमेरिका से एक खास हथियार- 'बंकर बस्टर बम' भेजने की मांग की है। माना जा रहा है कि अमेरिका इस बम को सीधे तौर पर इस्राइल को देने की जगह ईरान पर खुद इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है।