अमर उजाला संवाद: जलभराव से राहत के लिए नागरिक निभाएं जिम्मेदारी, संवाद में उठी कार पूलिंग और ईंधन बचाने की बात
मौजूद महिलाओं ने सुझाव दिया कि निजी वाहनों के बजाय कार पूलिंग को बढ़ावा दिया जाए ताकि ईंधन की खपत कम हो और यातायात का दबाव भी घटे। उनका कहना था कि संकट के समय सामूहिक प्रयास ही सबसे प्रभावी समाधान साबित होते हैं। उन्होंने घरों में बिजली की अनावश्यक खपत रोकने और एयर कंडीशनर (एसी) का सीमित उपयोग करने की भी अपील की।
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अमर उजाला संवाद कार्यक्रम रविवार को विजय चौक स्थित एसएस एकेडमी में आयोजित हुआ। इसमें लोगों ने कहा कि शहर को जलभराव से राहत के लिए ठोस उपाय होने चाहिए। इसके अलावा वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के कारण देश में क्रूड ऑयल की उपलब्धता और कीमतों पर दबाव बना हुआ है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह पेट्रोल और डीजल का अनावश्यक उपयोग कम करे।
कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने सुझाव दिया कि निजी वाहनों के बजाय कार पूलिंग को बढ़ावा दिया जाए ताकि ईंधन की खपत कम हो और यातायात का दबाव भी घटे। उनका कहना था कि संकट के समय सामूहिक प्रयास ही सबसे प्रभावी समाधान साबित होते हैं। उन्होंने घरों में बिजली की अनावश्यक खपत रोकने और एयर कंडीशनर (एसी) का सीमित उपयोग करने की भी अपील की।
संवाद के दौरान शहर की अन्य समस्याओं पर भी चर्चा हुई। महिलाओं ने कहा कि कई क्षेत्रों में अब भी जाम, जलभराव और सफाई की चुनौतियां बनी हुई हैं, जिनके स्थायी समाधान के लिए प्रशासन और नागरिकों को मिलकर काम करना होगा।
इनकी रही मौजूदगी
कार्यक्रम में डॉ. निशि अग्रवाल, ट्विंकल रहूजा, राधा अग्रवाल, ममता बंका, रेनू कंदोई, रेणुका टिबड़ेवाल, सुनीता बंसल, श्रीत अग्रवाल, स्मिता केडिया, स्नेहा खेमका, डॉ. सविता, स्वाति अग्रवाल, कनक हरि अग्रवाल और कीर्तन त्रिपाठी की उपस्थिति रही।
संकट की इस घड़ी में हमें अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। कार पूलिंग का विकल्प अपनाएं जिससे पेट्रोल-डीजल की खपत कम हो। बच्चों को भी पैदल चलने के लिए प्रेरित करना होगा। उन्हें शुरुआत से ही इसके बारे में बताना पड़ेगा: डॉ. निशि अग्रवाल
शहर में बंदर और कुत्तों का उत्पात है। विजय चौक की तरफ लोग इनसे काफी परेशान हैं। अक्सर ये बच्चों पर हमला कर देते हैं। इस समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए: कनक हरि अग्रवाल
सरकार को कोसने की जगह नागरिक खुद की जिम्मेदारी समझें। हमें ईंधन के फालतू खर्च से बचना चाहिए। जलवायु परिवर्तन पर खास ध्यान देने की जरूरत है। हम जागरूक होकर अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे तभी सरकार के प्रयास सफल होंगे: कीर्तन त्रिपाठी
इस समय हम क्विक कॉमर्स से ऑर्डर कम कर सकते हैं। ज्यादा से ज्यादा पैदल चलने की जरूरत है। घर पर भी बिजली बचानी चाहिए। जरूरत न हो तो उपकरणों को बंद ही रखना चाहिए: श्रीत अग्रवाल
संवाद में इन मुद्दों पर हुई चर्चा
- स्मिता केडिया ने कहा कि शहर में चौराहों को ठीक करना चाहिए। जाम की समस्या से भी निजात दिलाना जरूरी है।
- सुनीता मित्तल ने कहा कि शहर में वाहनों के लिए ऑड-इवन का प्रयोग किया जा सकता है। बारिश में जलभराव से भी निपटना जरूरी है।
- रेणुका टिबड़ेवाल ने कहा कि अब मॉल में भी एसी नहीं चल रहा। डीजल-पेट्रोल को अनावश्यक खर्च करने से बचना चाहिए।
- रेनू कंदोई ने कहा कि सड़क पर कचरा नहीं फेंकना चाहिए। निर्माण कार्यों के लिए विभागों में सामंजस्य बैठाना चाहिए।
- ममता बंका ने कहा कि एक ही गाड़ी में ज्यादा से ज्यादा लोग जाएं। बिजली की खपत को कम करें।
- ट्विंकल रहूजा ने कहा कि जलभराव की समस्या विजय चौक की तरफ काफी ज्यादा है। ईवी का इस्तेमाल करें। आपदा में अवसर नहीं तलाशने चाहिए।
- स्वाति अग्रवाल ने कहा कि साहबगंज में सड़क खराब हो गई है। बिजली की समस्या है।
- डॉ. सविता ने कहा कि लोग पैदल चलें। सेहत पर ध्यान दें। पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियां कम चलाएं।
- स्नेहा खेमका ने कहा कि जलभराव की समस्या का समाधान होना चाहिए। लोग दिखावे से बचें और देश के बारे में सोचें।