बदल रहा है गोरखपुर: 429 करोड़ का फ्लाईओवर, 76 करोड़ का ओवरब्रिज; लखनऊ-वाराणसी की राह होगी आसान
29.49 करोड़ की लागत से फरवरी 2023 में शुरू हुआ फ्लाईओवर इस माह पूरा होगा। सेतु निगम के जीएम मिथिलेश कुमार ने बताया कि देवरिया बाईपास पर दोनों पुल को जोड़ने का काम अंतिम चरण में है। इसके शुरू होने से नौसड़ और लखनऊ-वाराणसी जाने वालों को टीपीनगर के जाम से राहत मिलेगी।
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शहर में जून का महीना बुनियादी ढांचे के विकास के लिहाज से बेहद अहम होने जा रहा है। एक फ्लाईओवर, एक ओवरब्रिज और सीएम ग्रिड फेज-एक के तहत बन रहा स्मार्ट रोड तैयार होने की कगार पर है। इन परियोजनाओं के शुरू होने से न सिर्फ आवागमन आसान होगा बल्कि आसपास के इलाकों में आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
पैडलेगंज से ट्रांसपोर्टनगर तक बन रहा फ्लाईओवर इस महीने पूरा होने की उम्मीद है। इसके शुरू होने के बाद नौसड़ और लखनऊ-वाराणसी की ओर जाने वाले लोगों को टीपीनगर के जाम से राहत मिलेगी। देवरिया बाईपास की तरफ से आने वाले वाहन भी सीधे नौसड़ की ओर निकल सकेंगे।
ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े संजय कुमार का कहना है कि अभी जाम के कारण मालवाहक वाहनों को काफी देर तक रुकना पड़ता है। फ्लाईओवर बनने से आवाजाही तेज होगी और कारोबार को फायदा मिलेगा।
पैडलेगंज निवासी राकेश श्रीवास्तव बताते हैं कि रोजाना ऑफिस आने-जाने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। सेतु निगम के जीएम मिथिलेश कुमार ने कहा कि फ्लाईओवर का निर्माण इसी माह पूरा कर लिया जाएगा। देवरिया बाईपास पर दोनों पुल को जोड़ने का काम अंतिम चरण में है।
नकहा ओवरब्रिज का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके साथ ही बरगदवां चौराहे से ओवरब्रिज तक फोरलेन सड़क भी बन रही है। अब बरगदवां से स्पोर्ट्स कॉलेज और मोहद्दीपुर की तरफ वाहन आसानी से निकल रहे हैं। पहले रेलवे क्रॉसिंग और संकरी सड़क के कारण यहां अक्सर जाम लगता था।
स्थानीय अमित जायसवाल का कहना है कि सड़क चौड़ी होने और ओवरब्रिज बनने के बाद इलाके में ग्राहकों की संख्या बढ़ी है। यहां नए शोरूम और दुकानें खुलने लगी हैं। स्पोर्ट्स कॉलेज और करीमनगर इलाके में तेजी से व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। जीडीए भी राप्तीनगर क्षेत्र में कई बड़ी परियोजनाओं पर काम कर रहा है।
राप्तीनगर में सीएम ग्रिड फेज-एक के तहत शहर का पहला स्मार्ट रोड अगले महीने तक बनकर तैयार हो जाएगा। बंगलूरू की तर्ज पर विकसित की जा रही इस सड़क पर आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, फुटपाथ, अंडरग्राउंड केबलिंग और बेहतर लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है।
स्थानीय निवासी प्रियांशु सिंह का कहना है कि स्मार्ट रोड बनने से इलाके की तस्वीर बदल जाएगी। बेहतर सड़क और सुविधाओं के कारण यहां तेजी से विकास होगा। नगर निगम के मुख्य अभियंता अमित शर्मा ने बताया कि सड़क का निर्माण 15 जून तक पूरा कर लिया जाएगा।
गोरखपुर में जिन इलाकों में बड़ी परियोजनाएं बन रही हैं, वहां आने वाले समय में रियल एस्टेट, रिटेल कारोबार और सेवा क्षेत्र में तेजी देखने को मिलेगी। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे: प्रो. सत्यपाल सिंह, अर्थशास्त्र विभाग, गोरखपुर विश्वविद्यालय
| परियोजना | लागत | शुरुआत | पूरा होने की अवधि |
| पैडलेगंज-टीपी नगर फ्लाईओवर | 429.49 करोड़ | फरवरी 2023 | मई 2026 |
| नकहा ओवरब्रिज | 76.27 करोड़ | जनवरी 2022 | अप्रैल 2026 |
| स्मार्ट रोड | 44.88 करोड़ | नवंबर 2024 | जून 2026 |