नए साल के पहले दिन पूरा शहर जश्न में डूबा रहा। दोपहर में जब मौसम ने साथ दिया तो जश्न मनाने के लिए सड़कों पर भीड़ उमड़ पड़ी। मोहद्दीपुर, पैडलेगंज, यूनिवर्सिटी चौराहा समेत शहर के करीब-करीब तमाम चौराहों पर जाम लग गया। इस भीड़ की वजह से शहर थम सा गया। गोरखनाथ मंदिर, बुढि़या माई मंदिर, रेल म्यूजियम और रामगढ़ताल के किनारे जाने वालों के चलते शहर के सभी प्रमुख चौराहे दोपहर एक बजे से शाम 7 सात बजे तक जाम रहे। चिड़ियाघर के सामने भी दोपहर से लेकर शाम पांच बजे तक जाम की स्थिति बनी रही।
Happy New Year 2024: नए साल के जश्न में डूबा गोरखपुर, उमड़ी भीड़ तो थम गया शहर
सुबह 10 बजे तक ठंड के चलते सड़कों पर कम ही लोग नजर आ रहे थे। दफ्तर जाने वाले कर्मचारी और अन्य जरूरी काम से ही लोग बाहर निकले थे। दोपहर करीब 12 बजे आसमान साफ होने लगा। सूरज की किरणें चमकीं तो घर में दुबके लोग भी जोश में आ गए और लोग घूमने शहर में निकल पड़े।
युवा जोड़े जहां चिड़ियाघर और रामगढ़ताल के किनारे पहुंचे तो वहीं उम्रदराज लोगों की पसंद गोरखनाथ मंदिर और बुढि़या माई मंदिर रहा। छोटे बच्चों को लेकर लोग रेल म्यूजियम भी पहुंचे। इन सब जगहों पर लोगों की भीड़ इतनी ज्यादा उमड़ी कि मोहद्दीपुर में मॉल के सामने से लेकर चौराहे तक जाम की स्थिति बनी रही।
यहां से आगे बढ़ते ही पार्क और रेल म्यूजियम के सामने सड़क पर खड़ी गाड़ियों और रेहड़ी की वजह से गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो गई। रेल म्यूजियम के बगल से रेलवे स्टेशन की तरफ जाने वाली सड़क भी पार्किंग और ठेला-खोमचाें की वजह से भरी नजर आई। रेलवे स्टेशन से गोरखनाथ मंदिर रोड पर बढ़ते ही धर्मशाला पुल के पास जाम लगा था।
यातायात चौराहे से चार पहिया वाहन चालकों को दूसरे रास्ते से जाने की सलाह दी जा रही थी। गोरखनाथ ओवरब्रिज से लेकर मंदिर के आगे तक सड़क जाम थी। युवाओं का उमंग और उल्लास सबसे ज्यादा रामगढ़ताल के किनारे देखने को मिला। पैडलेगंज से लेकर नौका विहार तक कई जगह बैरिकेडिंग के बावजूद सड़क पर पांव रखने में दिक्कत बनी रही। यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा।