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Gorakhpur News: पुजारी ने बुढ़िया माता को चढ़ाया खप्पर, आस्था के बीच हुआ विशेष पूजन
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 28 Mar 2026 02:46 AM IST
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-नौ दिवसीय देवी गीत के समापन पर हवन, ब्राह्मण भोज और अग्नि पूजन में उमड़े हजारों श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। बुढ़िया माता मंदिर में नवरात्र के समापन अवसर पर प्रधान पुजारी रामानंद ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ माता को खप्पर चढ़ाया। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही और पूरे वातावरण में देवी जयकारों की गूंज सुनाई देती रही।
प्रधान पुजारी हाथों में खप्पर लेकर पूरे मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए माता की आराधना करते रहे। इसके बाद माता की पिंडी पर गाय का दूध अर्पित कर विशेष पूजन किया गया। मंदिर में नौ दिनों तक देवी गीत, भजन और धार्मिक अनुष्ठान लगातार चलते रहे। अंतिम दिन हवन के साथ लगभग 250 ब्राह्मणों को भोजन कराया गया। जेवनार की परंपरा के अंतर्गत भैंस के दूध से विशेष प्रसाद तैयार कर माता को अर्पित किया गया। श्रद्धालुओं ने बड़ी श्रद्धा के साथ पूजन में भाग लिया और मंदिर परिसर देर तक भक्तिमय बना रहा। अंत में प्रधान पुजारी रामानंद ने माता की आरती कर आशीर्वाद लिया। विशेष धार्मिक परंपरा के तहत नाला उस पार भी पुजारी ने अग्नि पर चढ़कर पूजा-अर्चना की, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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गोरखपुर। बुढ़िया माता मंदिर में नवरात्र के समापन अवसर पर प्रधान पुजारी रामानंद ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ माता को खप्पर चढ़ाया। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही और पूरे वातावरण में देवी जयकारों की गूंज सुनाई देती रही।
प्रधान पुजारी हाथों में खप्पर लेकर पूरे मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए माता की आराधना करते रहे। इसके बाद माता की पिंडी पर गाय का दूध अर्पित कर विशेष पूजन किया गया। मंदिर में नौ दिनों तक देवी गीत, भजन और धार्मिक अनुष्ठान लगातार चलते रहे। अंतिम दिन हवन के साथ लगभग 250 ब्राह्मणों को भोजन कराया गया। जेवनार की परंपरा के अंतर्गत भैंस के दूध से विशेष प्रसाद तैयार कर माता को अर्पित किया गया। श्रद्धालुओं ने बड़ी श्रद्धा के साथ पूजन में भाग लिया और मंदिर परिसर देर तक भक्तिमय बना रहा। अंत में प्रधान पुजारी रामानंद ने माता की आरती कर आशीर्वाद लिया। विशेष धार्मिक परंपरा के तहत नाला उस पार भी पुजारी ने अग्नि पर चढ़कर पूजा-अर्चना की, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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