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Gorakhpur News: पुलिसकर्मी के खाते से 1.39 लाख की साइबर ठगी, फोन हैक कर उड़ाए रुपये
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- यूपीआई से तीन बार में ट्रांजेक्शन, साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज, बैंक डिटेल खंगाली जा रही
- यातायात पुलिस में तैनात जवान के मोबाइल पर नहीं आया अलर्ट, बैंक जांच में जुटी पुलिस
गोरखपुर। साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मी के बैंक खाते से 1.39 लाख रुपये यूपीआई के जरिये निकाल लिए गए। पीड़ित की तहरीर पर अज्ञात जालसाजों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
जानकारी के अनुसार, गाजीपुर जनपद के भुड़कुड़ा थाना क्षेत्र के जोहरपुर गांव निवासी गोपाल जय सिंह, वर्तमान में यातायात पुलिस गोरखपुर में तैनात हैं। उन्होंने बताया कि सात मई 2026 को उनके बैंक खाते से यूपीआई के माध्यम से बिना जानकारी के तीन बार में रुपये निकाल लिए गए। रिकॉर्ड के अनुसार, पहली ट्रांजेक्शन 70 हजार रुपये की हुई, दूसरी बार 20 हजार और तीसरी ट्रांजेक्शन 49,986 रुपये की गई। इस तरह कुल 1.39 लाख रुपये खाते से निकाल लिए गए।
पीड़ित का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया फोन हैक कर की गई क्योंकि उनके मोबाइल पर किसी भी ट्रांजेक्शन का अलर्ट मैसेज नहीं आया। मामले का पता तब चला जब उन्होंने बैंक जाकर स्टेटमेंट निकलवाया। इसके बाद उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई।
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पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात साइबर जालसाजों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बैंक से भी संबंधित खातों और ट्रांजेक्शन डिटेल्स की जानकारी जुटाई जा रही है ताकि रुपये के लेन-देन की कड़ी को ट्रेस किया जा सके।
साइबर एक्सपर्ट उपेंद्र सिंह ने बताया कि इस तरह की घटनाओं में अक्सर मोबाइल हैकिंग, फिशिंग लिंक या ओटीपी चोरी जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और ट्रांजेक्शन के स्रोत की गहन जांच कर रही है।
- यातायात पुलिस में तैनात जवान के मोबाइल पर नहीं आया अलर्ट, बैंक जांच में जुटी पुलिस
गोरखपुर। साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मी के बैंक खाते से 1.39 लाख रुपये यूपीआई के जरिये निकाल लिए गए। पीड़ित की तहरीर पर अज्ञात जालसाजों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
जानकारी के अनुसार, गाजीपुर जनपद के भुड़कुड़ा थाना क्षेत्र के जोहरपुर गांव निवासी गोपाल जय सिंह, वर्तमान में यातायात पुलिस गोरखपुर में तैनात हैं। उन्होंने बताया कि सात मई 2026 को उनके बैंक खाते से यूपीआई के माध्यम से बिना जानकारी के तीन बार में रुपये निकाल लिए गए। रिकॉर्ड के अनुसार, पहली ट्रांजेक्शन 70 हजार रुपये की हुई, दूसरी बार 20 हजार और तीसरी ट्रांजेक्शन 49,986 रुपये की गई। इस तरह कुल 1.39 लाख रुपये खाते से निकाल लिए गए।
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पीड़ित का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया फोन हैक कर की गई क्योंकि उनके मोबाइल पर किसी भी ट्रांजेक्शन का अलर्ट मैसेज नहीं आया। मामले का पता तब चला जब उन्होंने बैंक जाकर स्टेटमेंट निकलवाया। इसके बाद उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई।
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साइबर एक्सपर्ट उपेंद्र सिंह ने बताया कि इस तरह की घटनाओं में अक्सर मोबाइल हैकिंग, फिशिंग लिंक या ओटीपी चोरी जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और ट्रांजेक्शन के स्रोत की गहन जांच कर रही है।