आर्थिक मंदी को लेकर केंद्र पर बरसे शरद यादव, बोले- देश की स्थिति बांग्लादेश से भी खराब
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व केन्द्रीय मंत्री लोकतांत्रिक जनता दल प्रमुख शरद यादव ने कहा कि मौजूदा समय में देश गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। स्थिति यह हो गई है कि देश की आर्थिक स्थिति बांग्लादेश से भी खराब हो चुकी है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी और जल्दबाजी में लागू की गई जीएसटी की वजह से अर्थव्यवस्था अब तक पटरी पर नहीं आ पाया है। भारी आर्थिक मंदी की वजह से देश में बेरोजगारी लगातार बढ़ती जा रही है। कल-कारखानों में काम करने वाले लोगों की तेजी छंटनी हो रही है वह घर वापस लौट रहे हैं। यह स्थिति बेहद चिंतनीय है। केन्द्र सरकार को देश मंदी के दौर से बाहर निकालने का प्रयास करना चाहिए, लेकिन उसका फोकस इस ओर नहीं हैं।
लखनऊ पहुंचे शहर शुक्रवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने का भारत का आर्थिक विकास दर घट रहा है। केन्द्र की गलत आर्थिक नीतियों के कारण ही देश में अब तक 30 से 40 फीसदी उद्योग धंधे बंद हो चुके है। इंफोसिस व महिन्द्रा जैसी बड़ी-बड़ी कंपनियां परेशान हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र की मेक इन इंडिया का नारा पर्याप्त नौकरियों का अवसर पैदा करने में असफल साबित हुई है। उन्होंने केन्द्र सरकार से अपील की है कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए वह कड़े व कारगर कदम उठाए।
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त करने से जुड़े एक सवाल पर शरद ने कहा कि इसके हटाने से जम्मू-कश्मीर का कोई भला नहीं होने वाला है, क्योंकि इसके लागू रहने से वहां का कोई काम नहीं रूका था। पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि देश के मुद्दे पर सभी विपक्षी दलों को एकजुट होकर सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास करना चाहिए। इसी कड़ी में मैं लखनऊ आया हूं। कल मध्यप्रदेश भी जाऊंगा। हालांकि लखनऊ में वह किन नेताओं से मिलेंगे, यह बताने से परहेज किया।
मॉब लिंचिंग रोकने के सख्त कानून की जरूरत
पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि यूपी में पहले मॉब लिंचिंग के नाम पर लोगों की हत्याएं हो रही थीं और अब बच्चों के चुराने के नाम पर हो रही है। इससे पता चलता है कि प्रदेश में स्थिति कितनी खराब हो चुकी है। उन्होंने कहा कि मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर कड़ाई से पाबंदी लगाने की जरूरत है। इसलिए वह सरकार से अपील करते हैं कि मॉब लिंचिंग रोकने के लिए सख्त कानून बनाई जाए।