भगवान महाकाल की नगरी में सोमवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी जोर-शोर से मनाई जाएगी। 26 अगस्त को सोमवार होने के संयोग से भगवान महाकाल की सवारी भी गोपाल मंदिर पहुंचेगी। जहां सवारी लौटने के दौरान भगवान हरि और हर का मिलन होगा। इस अद्भूत क्षण के दर्शन को श्रद्धालु लालायित हैं। वहीं प्रमुख मंदिरों में महाकाल मंदिर, गोपाल मंदिर, सांदीपनि आश्रम और इस्कॉन मंदिर में भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव पर्व मनाने की तैयारी चल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज रात्रि में द्वारकाधीश गोपाल मंदिर और सांदीपनि आश्रम में भगवान का अभिषेक पूजन कर महाआरती करेंगे।
भादौ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि इस बार सूर्योदय के समय 5:15 बजे से मध्यरात्रि 2:20 बजे तक रहेगी। वहीं दोपहर से ही भगवान के जन्म समय का रोहिणी नक्षत्र भी रहेगा। यही कारण है कि अष्टमी तिथि और रोहिणी संयोग होने से दोनों परंपरा को मानने वाले एक ही दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मना रहे हैं। संयोग से इसी दिन भगवान महाकाल की भादौ मास की पहली सवारी निकलने से श्रद्धा-भक्ति भाव का उल्लास दोगुना हो गया है। इस खास पर्व के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी पहुंचेगें। जन्माष्टमी पर मंदिरों में भगवान के पूजन व दर्शन के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंच रहे हैं।
शहर के मध्य में स्थित श्री द्वारकाधीश गोपाल मन्दिर में जन्माष्टमी पर भगवान श्रीद्वारकाधीश केसरिया रंग के वस्त्र धारण करेंगे। मंदिर के मुख्य पुजारी मधुर शर्मा ने बताया कि भगवान के शृंगार का निर्माण करने वाले दर्शन कुमरवात की टीम ने भगवान के सभी शृंगार की सामग्री को विभिन्न स्थानों से मंगवाई है। इनमें भगवान का मुकुट और जेवर राजकोट से लाए गए हैं। वहीं माता रुक्मिणी की साड़ी बनारस से मंगवाई गई है। इसी तरह भगवान के शंख, चक्र, गदा, पद्म का निर्माण नाथद्वार से लाई सामग्री से लाई गई है। भगवान का शृंगार मन्दिर पुजारी मधुर शर्मा व पावन शर्मा द्वारा किया गया।
गोपाल मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक अजय ढाकने ने बताया कि आज मंदिर में संध्या आरती के पश्चात भगवान गोपाल जी का महाभिषेक किया जाएगा। रात्रि करीब 10 बजे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव मंदिर पहुंचकर भगवान का पूजन करेंगे । वहीं 12 बजे जन्म आरती होगी। आरती के बाद ही रात्रि दो बजे तक भक्तों को दर्शन होगें। जन्माष्टमी पर्व के लिए गोपाल मंदिर को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है।
महर्षिं सांदीपनि आश्रम के मुख्य पुजारी पं. रूपम व्यास ने बताया कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव पर विशेष रूप से भगवान की पाठशाला को कागज के रंग-बिरंगे फूलों से सजाया जा रहा है। वहीं पुजारी परिवार की महिलाओं द्वारा भगवान की आकर्षक पोशाक तैयार की जा गई है। मंदिर में आकर्षक विद्युत साज-सज्जा की जा रही है। आज सोमवार से प्रात:काल 7 बजे से दर्शन शुरू हो गए हैं जो रात्रि 11 बजे तक चलेंगे। भगवान के जन्म के पहले रात्रि में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा अभिषेक-पूजन किया जाएगा। रात्रि 12 बजे महाआरती होगी। श्रद्धालुओं को एक कतार में चलकर सिंगल लाइन से दर्शन कराए जाएंगे।
इस बार मंदिर के बाहर सड़क पर भी एक बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी, जिससे निरंतर लाइव दर्शन श्रद्धालुओं को होंगे। वहीं 27 अगस्त को नंद महोत्सव मनाया जाएगा। भगवान पालना झूलेंगे। भक्तों को पंजेरी महाप्रसादी का वितरण होगा। इसी तरह भरतपुरी स्थित इस्कान मंदिर में जन्माष्टमी महोत्सव मनाया जा रहा है। कृष्ण व्यंजन महोत्सव होगा। आज भक्तों को दिनभर दर्शन होंगे। रात 10:30 बजे से भगवान का महाअभिषेक होगा तथा रात 12 बजे महाआरती होगी। अगले दिन 27 अगस्त को सुबह 7 बजे से नंदोत्सव व प्रभुपादजी का आविर्भाव दिवस मनेगा। पर्व के लिए मंदिर में विशेष साज-सज्जा की गई है।
आकर्षक रोशनी से सजे श्री कृष्ण मंदिर
आकर्षक रोशनी से सजे श्री कृष्ण मंदिर